रक्सौल {लक्ष्मीकांत त्रिपाठी } । प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए होड़ मची रहती है। जब भी इस योजना के लिए लिस्ट तैयार करने का समय आता है गांव में उगाही करने का सिलसिला शुरु हो जाता है। आवेदनकर्ता किसी तरह चाहता है कि वह इस योजना के लाभुकों में शामिल हो जाए। इस बार भी पारदर्शिता के साथ आवास प्लस एप के माध्यम से गांव-गांव पहुंच आवास सहायकों के द्वारा विभाग के साइट पर डाटा अपलोड किया गया था। लेकिन इस योजना के सही लाभूकों की पहचान के लिए अब सिस्टम भी निगरानी कर रहा है। जिसमें केवल अनुमंडल क्षेत्र के आदापुर प्रखंड के करीब तीन हजार लाभूकों का आवेदन रिजेक्ट कर दिया है। ऐसा किस आधार पर हुआ है। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। लेकिन रिजेक्ट किए गए आवेदनों को देख तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए विभाग के साइट पर अपलोड हुआ था आवेदन

अनुमंडल क्षेत्र के आदापुर प्रखंड के सतरह पंचायत से करीब 9459 आवेदकों की सूची विभाग के साइट पर आवास प्लस एप के माध्यम से अपलोड किया गया था। जिसमें से 3789 आवेदन सिस्टम के द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया है। ऐसे रिजेक्ट आवेदन में बता रहा कि आवेदक के पास ङ्क्षसचित भूमि पांच एकड़ से अधिक है। या फिर तीन से अधिक कमरों का मकान है। हालांकि सरकार द्वारा आवास योजना के लाभूकों के लिए मापदंड तैयार किया है। जिसमें दो पहिया, चार पहिया या ट्रैक्टर आदि का होना, घर में फ्रिज, लैंड लाइन फोन, सरकारी नौकरी, निजी कंपनी में दस हजार से अधिक वेतन, ढाई एकड़ से अधिक ङ्क्षसचित भूमि वाले किसी भी व्यक्ति को आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा। फिर भी जानकारी के अभाव में लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए बेचैन है।

कहते है अधिकारी

प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि आवास प्लस एप के माध्यम से नाम जोड़ा गया था। जो विभाग के साइट अपलोड किया गया था। जिसमें करीब तीन हजार से अधिक आवेदन सिस्टम के द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया है। हालांकि इसके लिए सरकार द्वारा मापदंड तैयार किया गया है। जिसके अनुसार लाभूकों का चयन होना है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh