संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले, केवल सरकार नहीं, समाज को भी खुद लेनी होगी जिम्मेदारी
मुजफ्फरपुर में सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान केवल सरकार से संभव नहीं है, समाज ...और पढ़ें

सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में यूजीसी के नए एक्ट पर सरसंघचालक ने अपने विचार रखे। फोटो- जागरण
HighLights
समाज की समस्याओं का समाधान केवल सरकार से नहीं हो सकता।
भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है, घोषित करने की आवश्यकता नहीं।
राजनीति से दूर रहकर सामाजिक सेवा कार्यों पर ध्यान दें।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। RSS Chief Speech: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी व्यवस्था से संभव नहीं है। इसके लिए समाज को स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी लेनी होगी।
रविवार को बोचहा प्रखंड के गरहा स्थित ब्लू डायमंड होटल में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने समाज में संतुलन, समरसता और सहयोग की भावना बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। देश की पहचान विविधता, समन्वय और आपसी सहयोग में निहित है।
अब समाज को जोड़ने की जरूरत
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने अलगाव की नीति अपनाकर देश पर शासन किया, लेकिन अब समाज को जोड़ने की जरूरत है। गांव और प्रखंड स्तर पर सामाजिक संगठनों को भौतिक और नैतिक विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सभी सेवा के लिए आगे आएं
भागवत ने कहा कि सेवा केवल संपन्न लोग ही नहीं करते, बल्कि जिनके मन में करुणा और सद्भाव होता है, वही जरूरतमंदों की सच्ची सेवा कर पाते हैं। समाज के हर वर्ग को अभावग्रस्त और पीड़ित लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
सामूहिक पहल पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि कई गांवों ने बिना सरकारी सहयोग के अपनी समस्याओं का समाधान किया है। संघ गांव और प्रखंड स्तर पर बैठकों के माध्यम से सभी वर्गों को साथ लाने का प्रयास करेगा, जिससे समाज में एकता और सहयोग की भावना मजबूत हो।
राजनीति से दूरी रखने की दी सलाह
संवाद कार्यक्रम के दौरान जब राजनीति, सरकार और प्रशासन से जुड़ी चर्चा हुई, तो सरसंघचालक ने वक्ताओं को टोकते हुए कहा कि मंच का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि समाज के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों को साझा करना है।
उन्होंने कहा कि संगठनों को यह बताना चाहिए कि वे अपने समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लिए क्या कार्य कर रहे हैं। जब सभी समाज एक-दूसरे की सेवा करेंगे, तभी सामाजिक एकता और मजबूती बढ़ेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कोरोना काल में किए गए सेवा कार्यों, गरीब बच्चियों की शादी, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, भोजन व्यवस्था और रोजगार सृजन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
इस अवसर पर क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, उत्तर बिहार संघचालक अधिवक्ता गौरीशंकर प्रसाद उर्फ गौरी बाबू, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह बिशेन, वाल्मीकि विमल सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्द्रमोहन खन्ना चन्नी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार ने किया।
