एमआईटी मुजफ्फरपुर के तीन ब्रांचों का एनबीए मूल्यांकन, छात्रों को मिलेगा वैश्विक प्लेसमेंट का लाभ
National Board of Accreditation MIT Bihar: एमआईटी मुजफ्फरपुर के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और लेदर टेक्नोलॉजी ब्रांच का एनबीए टीम 25 से ...और पढ़ें

आगामी 25 से 27 सितंबर तक विशेषज्ञों की टीम संस्थान का दौरा करेगी।
HighLights
एनबीए टीम 25-27 सितंबर तक तीन ब्रांचों का मूल्यांकन करेगी।
10 मापदंडों पर 1000 अंकों का मूल्यांकन, 60% अंक अनिवार्य।
मान्यता से छात्रों को वैश्विक प्लेसमेंट में बड़ा लाभ मिलेगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। MIT Muzaffarpur NBA Inspection: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के तीन प्रमुख ब्रांचों का नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन (एनबीए) की टीम मूल्यांकन करेगी। आगामी 25 से 27 सितंबर तक विशेषज्ञों की टीम संस्थान का दौरा करेगी।
इन तीन ब्रांचों की होगी जांच
एनबीए की टीम संस्थान के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और लेदर टेक्नोलॉजी ब्रांच में उपलब्ध सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच करेगी। इसके लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।
10 मापदंडों पर 1000 अंक
विशेषज्ञों की टीम कुल 10 विभिन्न मापदंडों पर मूल्यांकन करेगी, जिसके लिए कुल 1000 अंक निर्धारित हैं। मान्यता हासिल करने के लिए संबंधित ब्रांच को कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
क्लासरूम से लैब तक का निरीक्षण
मूल्यांकन के दौरान टीम सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट का मिलान मूल दस्तावेजों से करेगी। इसके साथ ही क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल और वर्कशॉप का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
छात्रों और पूर्व छात्रों से संवाद
वास्तविक स्थिति जानने के लिए एनबीए विशेषज्ञ छात्रों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों (एलुमनाई) और नियोक्ताओं के साथ बंद कमरों में अलग-अलग संवाद करेंगे। 60 प्रतिशत अंक मिलने पर तीन वर्षों के लिए मान्यता मिलती है।
ग्लोबल प्लेसमेंट में बड़ा फायदा
एमआईटी के प्राचार्य प्रो. एमके झा ने बताया कि सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। एनबीए मान्यता मिलने से छात्रों की डिग्री को अमेरिका, यूके, कनाडा और जापान जैसे देशों में वैश्विक मान्यता मिलती है, जिससे प्लेसमेंट में बड़ा लाभ होता है।
सिविल की मान्यता हो चुकी खत्म
एमआईटी के सिविल ब्रांच को सबसे पहले एनबीए की मान्यता मिली थी। हालांकि, वर्ष 2024 में इसकी अवधि समाप्त हो गई और दोबारा आवेदन न किए जाने के कारण फिलहाल किसी भी ब्रांच के पास यह मान्यता नहीं है।
