बगहा (पचं), जासं। तिरहुत प्रमंडल स्वास्थ्य सेवा के आरडीडी (रिजनल डिप्टी डायरेक्टर) ने सोमवार को बगहा दो स्थित शहरी पीएचसी का निरीक्षण किया। इसमें पीएचसी के बदइंतजामी की पोल खुल गई। उपस्थिति पंजिका के अवलोकन के दौरान दो स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। स्थानीय लोगों चिकित्सा प्रभारी के हमेशा नदारद रहने की शिकायत की। बगहा दो प्रखंड परिसर स्थित शहरी पीएचसी में दोपहर करीब दो बजे आरडीडी ज्ञान शंकर सिंह पहुंचे। उन्होंने पीएचसी के सभी कमरों का निरीक्षण किया।

दफ्तर में एक-एक कर सभी अभिलेखों की जांच की। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में दो कर्मी अनुपस्थित पाए गए। लैब टेक्नीशियन मो. एहसानुल हक व एएनएम धर्मशीला कुमारी को अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि अतिशीघ्र टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कराएं वर्ना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। टीकाकरण के काम किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। स्थानीय लोगों ने आरडीडी से शहरी पीएचसी में प्रभारी का नियमित रूप से नहीं आने की शिकायत की। जिस पर उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रभारी को बदल दिया जाएगा। इस दौरान प्रधान सहायक रविंद्र कुमार ठाकुर, अजीत कुमार तिवारी, डॉ. अरसद कमाल, जितेश्वर कुमार, एएनएम रीमा कुमारी, संगीता कुमारी आदि आदि मौजूद रहे।

सारी व्यवस्थाएं होगी पुन: बहाल

राजद के प्रखंड अध्यक्ष शंभू चौधरी ने आवेदन देते हुए आरोप लगाया कि शहरी पीएचसी को बंद करने की साजिश चल रही है। कर्मचारियों से लेकर डाटा अपरेटर, लैब आदि सब यहां से हरनाटांड़ ले जाने व यहां प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना सहित प्रसव आदि को धीरे धीरे बंद करने की कवायद जारी है। जिसका असर है कि यहां दो माह पहले की तुलना में स्वास्थ्य ढांचा गड़बड़ हो गया है। खासकर जांच व प्रसव के कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी यहां 10 से 15 दिन में एक बार दो घंटे के लिए ही आते हैं। जन्म प्रमाण पत्र से लेकर अन्य कागजातों के लिए लोगों को हरनाटांड़ जाना पड़ रहा है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh