यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुजफ्फरपुर के 850 स्कूलों में मिड-डे-मील ठप, समय रहते यह समस्या दूर नहीं हुई तो सभी जगह होगी यही स्थिति
Mid-day meal साफ्टवेयर और जीपीएस युक्त ट्रकों के बीच संपर्क स्थापित नहीं हो रहा है। जीपीएस युक्त ट्रकों को पावती ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। जिले में नई व्यवस्था के तहत स्कूलों को मध्याह्न भोजन योजना के लिए चावल का आवंटन किया जाना है। एक जून से नई व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद चावल वितरण में तकनीकी समस्या आ रही है। इससे जिले के करीब 850 से अधिक स्कूलों में चावल की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इनमें मध्याह्न भोजन का संचालन बंद करना पड़ा है। स्टेट फूड कारपोरेशन के जिला प्रबंधक ने बताया कि पहले विभागीय स्तर पर चयनित संवेदक के माध्यम से स्कूलों को चावल भेजा जाता था, लेकिन एक जून से सरकार ने इस व्यवस्था को बदल दिया है।
एनआइसी को इसकी मानीटरिंग का जिम्मा
अब स्टेट फूड कारपोरेशन की ओर से चावल का आवंटन स्कूलों को किया जाना है। इसके लिए विभाग ने एक साफ्टवेयर तैयार किया है। साथ ही एनआइसी को इसकी मानीटरिंग का जिम्मा सौंपा है। बताया गया कि नए साफ्टवेयर और जीपीएस युक्त ट्रकों के बीच संपर्क स्थापित नहीं हो रहा है। वहीं स्कूल का कोड अंकित करने के बाद उसके लिए चावल आवंटन का टोकन भी नहीं बन रहा है। जबतक स्कूल के नाम से टोकन जारी नहीं होगा। जीपीएस युक्त ट्रकों से संबंधित स्कूल को चावल की आपूर्ति नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि शीघ्र इस समस्या का समाधान कर स्कूलों को चावल की आपूर्ति की जाएगी।
लगभग सभी स्कूलों में बंद होने का खतरा
इधर मध्याह्न भोजन विभाग की ओर से बताया गया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद से कालेजों में पूर्व से जो चावल का स्टाक था। उसके समाप्त होने पर मध्याह्न भोजन को बंद करना पड़ा है। संबंधित पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। पूरे जिले के तीन हजार में से 850 स्कूलों में मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं हो रहा है। यदि चावल का आवंटन नहीं हुआ तो लगभग सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन का संचालन ठप हो जाएगा।
