यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर मुजफ्फरपुर में पुरुषों को नसबंदी के लिए किया जाएगा प्रेरित
परिवार नियोजन में सिर्फ महिलाओं की भागीदारी पर स्वास्थ्य विभाग ने जताई चिंता। परिवार नियोजन पखवारा के तहत पुरुषों की ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। परिवार नियोजन में केवल महिलाओं की भागीदारी हो रही है इस पर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर की है। परिवार नियोजन पखवारा के तहत अब पुरुषों की नसबंदी पर जोर दिया जाएगा। हर पीएचसी पर शिविर लगाकर पुरुषों को जागरूक करना और उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित किया जाएगा। सदर अस्पताल में भी नियमित ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन डॉ विनय कुमार शर्मा ने बताया कि महिलाओं के साथ पुरुषों की सहभागिता भी जरूरी है। इसलिए, पुरुषों को नसबंदी के लिए आगे आना होगा। जनसंख्या नियंत्रण को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक जिले में पुरुष नसबंदी पखवारा का आयोजन किया जायेगा।
'पुरुषों की अब है बारी, परिवार नियोजन में भागीदारीÓ इस बार के पुरुष नसबंदी पखवारे की थीम होगी। स्क्रीन पर अभियान को गति दी जाएगी जो पुरुष नसबंदी कर आएंगे उन्हें भी प्रोत्साहन राशि सरकार के तरफ से मिलेगा। इसके साथ नवविवाहिता ओं को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा ताकि वह अपने संतान के बीच का अंतर तय मानक के हिसाब से रख सकें। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नसबंदी पखवाड़ा दो चरणों में होगा। लोगों को परिवार नियोजन पर जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में विभिन्न आयोजनों के माध्यम से लोगों को पुरुष नसबंदी सेवा प्रदान की जाएगी।
पुरुष नसबंदी पखवारा के तहत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों पर स्थायी सेवा एवं जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल के साथ फस्ट रेफरल यूनिट पर न्यूनतम एक नसबंदी शिविर काआयोजन किया जायेगा। हर लोगों को परिवार नियोजन पर जागरूक किया जायेगा। इसके लिये आरोग्य दिवस का उपयोग करते हुए पुरुष नसबंदी पखवारा के संबंध में आम लोगों को जानकारी दी जाएगी। परिवार नियोजन परामर्श केंद्र, मैटरनिटी वार्ड एवं टीकाकरण केंद्रों जैसे अन्य अन्य स्थलों पर परामर्शदाता, स्टाफ नर्स एवं एएनएम द्वारा लाभार्थियों को परिवार नियोजन पर जागरूक किया जायेगा। इसमें कहा कि सभी पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वह अपने अपने पोषक क्षेत्रों में प्रचार प्रसार करें।
