मुजफ्फरपुर : उत्तर बिहार उद्यमी संघ एवं लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वाधान में औद्योगिक क्षेत्र में जलजमाव को लेकर बैठक हुई। इसके बाद उद्यमियों ने बियाडा कार्यालय का घेराव कर विरोध जताया।

संघ के महासचिव विक्रम विक्की ने कहा कि पिछले साल आंदोलन के बाद जिला व बियाडा प्रशासन ने वादा किया था कि अगले साल जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी। इस बार बरसात से पहले कोई काम नहीं हुआ। अब पूरी फैक्ट्री में पानी प्रवेश कर गया है। नाला केवल खोदकर डाल दिया गया है। कहीं पर लाल निशान नहीं लगाया गया। नतीजा यह हुआ कि दो फैक्ट्री कर्मियों की नाले में गिरकर पानी में डूबने से मौत हो गई। इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभाव से सौ एचपी का पांच पंप लगाने और पंप हाउस को चालू कराने पर बल दिया। मौके पर उत्तर बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष नीलकमल, कोषाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, संगठन मंत्री शशांक श्रीवास्तव, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष नितिन बंसल, महासचिव नरेंद्र कुमार चौधरी आदि थे।

जलजमाव में मरने वालों के आश्रितों को मिले पांच लाख मुआवजा

बेला औद्योगिक क्षेत्र में नाले के पानी में डूबकर दो लोगों की मौत पर शोक जताते हुए नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने सरकार से पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा उनके आश्रितों को देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बियाडा प्रशासन जलनिकासी, सड़क व नाला निर्माण नहीं कर रहा। इस तरह के उपाय होने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं हो। ऐसा नहीं होने पर लोग आंदोलन को बाध्य हो सकते हैं।

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