मुजफ्फरपुर। मरीज की मौत पर भगवानपुर स्थित एक निजी नर्सिग में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। चिकित्सक ने मरीज को मदद पहुंचा कर मामले को किसी तरह शांत कराया। उसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। बाद में सूचना मिलने पर सदर थाने की पुलिस पहुंची। लेकिन किसी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं करने पर पुलिस लौट गई।

मृतक महिला उमा देवी (45)करजा थाना क्षेत्र के चमरूआ गांव निवासी थी। वह बच्चेदानी की बीमारी से पीड़ित थी। चिकित्सक ने कई प्रकार के टेस्ट कराए। करीब डेढ़ माह पहले उक्त नर्सिग होम में उनकी बच्चेदानी का ऑपरेशन कराया गया। उसके बाद मरीज घर चली गई। गरीब जानकर चिकित्सक ऑपरेशन में काफी कम खर्च लिए। ऑपरेशन के बाद मरीज को परिजन घर लेकर चले गए। घर पर ही दवा सूई की जाने लगी। कुछ लोगों की सलाह पर गांव में भी उपचार किया गया। चिकित्सक के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में महिला संक्रमण की चपेट में आ गई। उसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।

बैरिया के एक निजी अस्पताल में कराया भर्ती

स्थिति बिगड़ने पर उसे बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां कई प्रकार के जांच फिर से कराए गए ,जहां उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। भगवानपुर के चिकित्सक ने बैरिया के निजी अस्पताल के चिकित्सक से बात कर सहायता करने लगे। चिकित्सक की तत्परता के बाद भी महिला को नहीं बचाया जा सका। बुधवार की रात महिला की मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर ग्रामीण भी पहुंच गए।

बैरिया से शव लेकर गुरुवार की सुबह परिजन भगवानपुर स्थित निजी नर्सिग होम पहुंच गए। सड़क पर शव रख दी और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। कुछ लोगों हंगामा करते मुख्य सड़क तक पहुंच गए। हंगामा के कारण वहां काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। परिजन चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। लेकिन चिकित्सक के ही समझाने पर परिजन मान गए और शव को लेकर घर चले गए।

By Jagran