मुजफ्फरपुर, जेएनएन। पूर्व मंत्री रमई राम ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरा को लेकर भाजपा-जदयू में अंदर ही अंदर खींचतान है। महागठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ही होंगे। मुख्यमंत्री की दौड़ में न रालोसपा सुप्रीमो पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और न हम सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं।

 मालीघाट स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा की गोद में जाकर बैठ गए हैं। उनका विनाश तय है। जनता ने अब उनका विरोध शुरू कर दिया है। जदयू का भाजपा से गठबंधन होने के बाद वह अपने पुराने घर राजद में वापस आ गए हैं। अगले विधानसभा चुनाव में राजद महागठबंधन 200 सीट पर जीत दर्ज कराएगा। उनके साथ राजद में गए सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को बधाई दी। प्रदेश अल्पसंख्यक सेल के सचिव पाले खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री का माला पहनाकर स्वागत किया। मौके पर रमेश कुमार दीपू, अजय कुमार राम, रामजी साह, लखींद्र राय, कृष्णमोहन कन्हैया, अविनाश साई, भारत रत्‍‌न, शंभू राय आदि थे।

 शराब के बाद अब वाहन जांच के नाम पर लूट सूबे में शराबबंदी के बाद अब वाहन जांच सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियों के लिए लूट-खसोट का जरिया बना है। शराब की होम डिलेवरी चल रही है। उसी तरह वाहन लाइसेंस व कागजात पर नियम सख्त करने का लाभ भी अधिकारियों को खूब मिलेगा। जांच के समय अगर दस हजार रुपये दंड होगा तो दो से पांच हजार की वसूली होगी। यह सब खेल शुरू हो गया है। जमीन पर नहीं जुबान पर विकास पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि विकास केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उनके ंमंत्रियों की जुबान पर है जमीन पर कहीं नहीं दिख रहा।

 चंदवारा घाट पुल 2017 में बनकर तैयार होना था, लेकिन 2019 बीतने को है। इसी तरह शहर में नल का जल सही तरीके से नहीं मिल रहा और गांव में देने की बात हो रही। इस योजना में लूट मची है। अपराधी बेलगाम हैं। भाजपा को विकास से कोई मतलब नहीं है। भाजपा का एक ही काम है भारत-पाकिस्तान और राम मंदिर पर चर्चा करना। सवाल किया कि अब तो यूपी के मुख्यमंत्री साधु बाबा यानी योगी जी बन गए तो राम मंदिर क्यों नहीं बन रहा है।

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