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मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी और गोपालगंज तक मंगलम का हाईटेक ठगी जाल, मशरूम हाट कांड में गिरफ्त में आया

Published: Fri, 11 Sep 2026 12:04 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में मशरूम हाट बनवाने के नाम पर 2.67 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी आशुतोष मंगलम ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । मशरूम हाट बनवाने के नाम पर 2.67 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में दामूचक निवासी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया गया है। मंगलम ने ठगी का जाल मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में फैलाया था। उसके पास से दो मोबाइल भी जब्त किए गए है।

ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। बताया गया कि विगत दिनों मशरूम उत्पादन, मशरूम हाट बनवाने पर आशुतोष मंगलम बहन शिवांगी के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर ऋण दिलवा धोखाधड़ी करने व ब्लैंक चेक देने पर बाउंस होने का मामला प्रकाश में आया था।

आरोपितों ने बोचहां थाना अंतर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 60 जीविका दीदियों के नाम पर बिहार ग्रामीण बैंक से एक करोड़ 18. 58 लाख एवं मुशहरी थाना अंतर्गत भी 60 जीविका दीदियों के नाम पर 72. 67 रुपये का ऋण निकलवा धोखाधड़ी की।

दोनों बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा प्राप्त कराए गए आवेदन के आधार पर बोचहां व मुशहरी थाने में प्राथमिकी की गई। इसी क्रम में आरोपितों ने सरैया थाना अंतर्गत प्रीति कुमारी से मशरूम हाट बनवाने के नाम पर झांसा देकर 21 लाख रुपये प्राप्त कर धोखाधड़ी की गई।

इसके बाद आरोपित पक्ष ने आवेदिका को चार चेक उपलब्ध कराए, जो पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं रहने से बाउंस हो गए। मामले में सरैया थाना में केस किया गया। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त आरोपितों ने मुजफ्फरपुर के सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी व गोपालगंज में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है।

स्मार्ट हट से मशरूम उत्पादन का झांसा

आरोपितों द्वारा स्मार्ट ग्रेविटी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लोगों को मशरूम उत्पादन हेतु स्मार्ट हट स्थापित कराने एवं उससे आय प्राप्त होने का आश्वासन देकर धनराशि प्राप्त की जाती थी।

ग्राहकों को स्मार्ट हट का निर्माण 90 से 120 दिनों में पूर्ण कर उसे आपरेशनल करने, आवश्यक मशीनरी एवं रा मेटेरियल उपलब्ध कराने व उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में बैंक की ईएमआइ भुगतान का आश्वासन दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

ग्राहकों को एक से 13 हजार प्रतिमाह लाभ देने तथा विभिन्न इंश्योरेंस फी आदि के भुगतान का भी आश्वासन दिया जाता था। कुछ ग्राहकों द्वारा पीएमइजीपी, पीएम-एसएमइ एवं बिहार हार्टिकल्चर मिशन की मशरूम कल्टिवेशन योजना के अंतर्गत ऋण, सब्सिडी प्राप्त की गई।

कुछ लोगों द्वारा निजी राशि भी निवेश की गई। सभी घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर एसडीपीओ सरैया, पूर्वी वन व पूर्वी टू के नेतृत्व में विशेष टीम का गठित की गई। उक्त टीम में संबंधित थानाध्यक्ष को शामिल किया गया।

मुशहरी, बोचहां समेत अन्य थानों में पांच केस दर्ज 

जांच में जानकारी मिली कि मुशहरी व बोचहां के आकांक्षी प्रखंडों में जीविका के माध्यम से तथा अन्य स्थानों पर इंटरनेट मीडिया से संभावित ग्राहकों से संपर्क किया जाता था। अब तक की जांच में गिरफ्तार आरोपित द्वारा पांच केसों में करीब 2.67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात प्रकाश में आई है।

घटना में संलिप्त अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आरोपित के पास से जब्त मोबाइल का काल डिटेल खंगाला जा रहा है। इसमें कई संदिग्धों के नंबर मिले हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपित आशुतोष मंगलम का पूर्व से आपराधिक रिकार्ड रहा है। इसमें मुशहरी और बोचहां थाने में भी पिछले साल केस दर्ज है। मुफस्सिल (सीतामढ़ी) थाने में इस साल धोखाधड़ी व चेक बाउंस का मामला दर्ज है।

इसमें 16 लाख का मामला है। थावे (गोपालगंज) थाने में भी पिछले साल 39 लाख छह हजार 650 रुपये धोखाधड़ी का केस दर्ज है। इसके अलावा उत्तर बिहार के अन्य जिलों की पुलिस से संपर्क कर पूर्व का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।