मधुबनी,[कपिलेश्वर साह]। मिथिला के पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के साथ अब इसे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़-चढ़कर है। करीब तीन साल पहले सोहराय निवासी सुधीरा देवी और खुशबू ठाकुर द्वारा मिथिला के व्यंजन बनाने और विभिन्न शहरों में आपूर्ति करने की पहल को अब व्यापक रूप दिया जा रहा है। वे विभिन्न अवसरों पर इस्तेमाल होनेवाली सामग्री और व्यंजन से 'सनेसÓ (संदेश) किट तैयार कर रही हैं। फरवरी से इसकी आपूर्ति की जाएगी। किट की कीमत 250 से 500 रुपये तक रखी गई है। पहली खेप के लिए एक हजार किट तैयार करने की योजना है। इसकी मांग और लोगों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद काम को और विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर ग्रुप बनाया है।

विभिन्न मौकों के लिए तैयार होगी किट

सनेस किट को विभिन्न मौकों के लिए तैयार किया जाएगा। इसमें पर्व-त्योहार और शादी, मुंडन व उपनयन जैसे संस्कार शामिल हैं। किट में दो प्रकार की सामग्री होगी। इसमें मिथिला पाग, दोपटा (अंगवस्त्रम्), छोटी मौनी, सरौता, चाकू, कजरौटी, कौड़ी, लहठी, जनेऊ व कुछ अन्य परंपरागत सामग्री होगी। इनके अलावा चावल, दाल, भतुआ, तीसी आदि से बनी बड़ी, तीसी चूर्ण को शामिल किया जाएगा। सुधीरा कहती हैं किट मिथिला का संदेश है। यह ऐसे लोगों के लिए है जो गांव-शहर से दूर बस गए हैं। यह संदेश उन्हें परंपरा से जोड़े रखेगा। इस योजना से महिलाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। फरवरी से आपूर्ति शुरू करने के लिए दो दर्जन महिलाओं को जोड़ा गया है। गांव की रत्ना देवी कहती हैं कि घर में रहकर काम कर रही हैं। इससे पारिवारिक आमदनी के साथ सम्मान का भाव भी आ रहा है।

'बिहारी खाना' नामक बनाया यूट्यूब चैनल

सुधीरा मिथिला के परंपरागत व्यंजन को बढ़ावा देने के लिए 'बिहारी खाना' नामक यूट्यूब चैनल भी चलाती हैं। इसके माध्यम से वे विभिन्न व्यंजनों की रेसिपी का प्रचार-प्रसार कर रही हैं। इन वस्तुओं का आनलाइन आर्डर मिलने पर कुरियर के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। भुगतान आनलाइन किया जाता है। कुरियर चार्ज अलग से लिया जाता है। इन वस्तुओं के उत्पादन में रामपट्टी बरहारा, सोहराय समेत आधा दर्जन गांवों की एक दर्जन से अधिक महिलाएं लगी हैं। आठ से 10 हजार रुपये तक महीने की कमाई हो जाती है। मौसम के अनुकूल मार्च से लेकर जून तक विभिन्न सामग्री तैयार कर स्टाक कर लिया जाता है।  

Edited By: Ajit Kumar