मधुबनी, जासं। पंचायत आम चुनाव के विभिन्न पदों के उम्मीदवारों के लिए चुनाव संबंधी अधिकतम व्यय करने की राशि निर्धारित कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद सदस्य पद के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित कर दिया है। इसमें नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की तिथि से लेकर चुनाव परिणाम की घोषणा की तिथि तक चुनाव से जुड़े सभी प्रकार की खर्च शामिल है। इसी प्रकार मुखिया एवं सरपंच पद के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 40 हजार रुपये राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गई है। वहीं पंचायत समिति सदस्य पद के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 30 हजार रुपये निर्धारित की गई है। जबकि वार्ड सदस्य एवं वार्ड पंच पद के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

अभ्यर्थी या उनके निर्वाचन अभिकर्ता को निर्वाचन संबंधी व्यय का लेखा संधारित किया जाना है। चुनाव परिणाम प्रकाशित होने की तिथि से 15 दिनों के अंदर प्रपत्र-29 में व्यय विवरणी निर्वाची पदाधिकारी को एक शपथ पत्र प्रपत्र-30 के साथ अभ्यर्थी या उनके निर्वाचन अभिकर्ता को समर्पित करना होगा। निर्धारित समय सीमा के अंदर व्यय विवरणी दाखिल करने का कोई व्यक्तिगत कारण या औचित्य नहीं पाया जाएगा तो संबंधित अभ्यर्थी को राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा निरर्हित घोषित किया जा सकता है। अगर इस मामले में किसी अभ्यर्थी को निरर्हित घोषित किया जाएगा तो वैसे व्यक्ति निरर्हित घोषित किए जाने की तिथि से तीन वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा।

मतदाता ईवीएम का बटन दबाने के साथ ही बैलेट पर भी लगाऐंगे मुहर

पंचायत आम चुनाव के तहत विभिन्न स्तर के छह पदों का चुनाव कराया जाएगा। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया एवं वार्ड सदस्य का चुनाव ईवीएम से तो सरपंच एवं वार्ड सदस्य का चुनाव मतपत्र-बैलेट बॉक्स से कराया जाएगा। जिस कारण मतदाताओं को मतदान के दौरान ईवीएम का बटन दबाने के साथ ही बैलेट पेपर पर मुहर लगाने का भी मौका मिलेगा। सरपंच पद का बैलेट क्रीम वॉव सफेद कागज पर कत्थई रंग से उम्मीदवार का नाम चुनाव चिह्न आदि मुद्रित रहेगी। जबकि पंच पद का बैलेट पीले कागज पर काला रंग से उम्मीदवार का नाम चुनाव चिह्न आदि मुद्रित रहेगी। 

Edited By: Ajit Kumar