मधुबनी, जासं। जिले में पंचायत आम चुनाव दस चरणाें में संपन्न हो चुका है। सभी चरणों का चुनाव परिणाम भी घोषित किया जा चुका है। लेकिन चुनाव के दौरान कई जगहों पर रिश्ते की डोर भी टूट गई। कहीं सास-बहू आमने-सामने हो गईं तो कहीं जेठानी-देवरानी के बीच मुकाबला हो गया। कहीं भैंसुर व भावो के बीच भी मुकाबला हो गया। ऐसा मुकाबला बड़ा ही रोचक रहा। इतना ही नहीं इस चुनाव के कुछ दिग्गज के रिश्तेदार भी मैदान में थे। इनमें से कुछ को कामयाबी तो कुछ को असफलता हाथ लगी।

पंडौल प्रखंड क्षेत्र स्थित भगवतीपुर पंचायत में मुखिया पद के लिए सास-बहू ही आमने-सामने हो गई। हालांकि इस चुनाव में सास पर बहू भारी पड़ी। इस पंचायत में सास शकुंतला देवी एवं बहू मधुमाला चौरसिया मुखिया पद के लिए आमने-सामने हो गई। लेकिन कामयाबी बहू के हाथ ही लगी। सास शकुंतला देवी को महज 68 मत ही मिला। जबकि बहू मधुमाला कुमारी चौरसिया 1,388 मत प्राप्त कर मुखिया पद का चुनाव जीतने में सफल रहीं। वहीं मधेपुर प्रखंड की मधेपुर पूर्वी पंचायत की निवर्तमान मुखिया दुर्गा देवी एवं इनकी छोटी देवरानी आशा देवी भी पंचायत चुनाव में आमने-सामने हो गईं। लेकिन दोनों को पराजय का सामना करना पड़ा। जेठानी एवं देवरानी के बीच मुकाबला में तीसरा उम्मीदवार फायदा उठाते हुए विजयी होने में सफल रहे। इसी प्रखंड के भरगामा पंचायत के निवर्तमान मुखिया दिवाकर प्रसाद यादव का मुकाबला अपने छोटे भाई की पत्नी रचना भारती से हो गया। लेकिन इस मुकाबला में कामयाबी रचना भारती के हाथ ही लगी।

विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर की पत्नी निवर्तमान जिला पार्षद सुनैना देवी जिला परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं, लेकिन इन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं पूर्व विधायक गुलाब यादव की पुत्री एवं पत्नी दोनों अलग-अलग क्षेत्रों से जिला परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव में उतरीं। पूर्व विधायक गुलाब यादव की पुत्री चुनाव जीतने में सफल रहीं। लेकिन पूर्व विधायक की पत्नी को पराजय का सामना करना पड़ा। पूर्व विधान पार्षद प्रो. बिनोद कुमार सिंह के भाई दिपेन्द्र सिंह गढ़गांव पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे, इन्हें कामयाबी हाथ लगी और मुखिया बनने मेें सफल रहे।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh