मुजफ्फरपुर । राज्य सरकार की वस्त्र एवं चर्म नीति के बाद बेला औद्योगिक परिसर में बना लेदर गुड्स पार्क भी रोजगार का नया हब होगा। 10 एकड़ में 96 इकाई सह बिक्री केंद्र के रूप में इसे विकसित किया गया है। इकाइयां शुरू नहीं हो सकी हैं। नई नीति से इसके शीघ्र शुरू होने की संभावना है। यह पार्क उद्योग विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। बियाडा की ओर से आन लाइन आवेदन किया जा रहा है। अबतक 15 आवेदन आए है। 96 आवेदन आने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा।

500 रुपये के किराया पर मिल जाएगा शेड : इस सेंटर के बनने के बाद युवा अपनी यूनिट लगाकर खुद का कारोबार खड़ा कर सकते हैं। उन्हें बना-बनाया शेड मिल रहा है। आठ ब्लाक में 96 शेड यानी निर्माण केंद्र हैं। हर केंद्र शौचालय, पानी व अन्य जरूरी सुविधाओं से युक्त है। उद्यमी अपनी मशीन लगाकर काम करेंगे। उत्पादन के बाद बाजार भी मिलेगा। ब्रांडेड जूते के निर्माण और डिजाइनिग के लिए आगरा, कानपुर, लुधियाना, कोलकाता के उद्यमियों से संपर्क किया जाएगा। मुजफ्फरपुर के छह हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। एक शेड पांच सौ वर्गफीट का है। एक रुपये प्रति वर्ग फीट के दर से उसका किराया तय है। कार्यकारी निदेशक पटना संतोष कुमार ने बताया कि कोरोना काल के समय काफी प्रवासी आए। उनके लिए उद्यमी बनने का अवसर है। यहां पर पूरी तरह से व्यवस्थित परिसर है। बिहार के कहीं का भी लेदर से संबंधित उत्पाद के उत्पादन के लिए उद्यमी जुड़ सकते हैं।

इस पार्क के लिए उद्यमी को तकनीकी सहयोग करने वाले विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 500 रुपये प्रतिमाह की दर से एक शेड का भाड़ा है। आनलाइन आवेदन चल रहा है। 15 लोगों ने आवेदन किया है। इस पार्क को उद्योग विभाग व बिहार फाउंडेशन ने तैयार किया है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बुकिग चल रही है। प्लग एंड प्ले मूड में इसका काम चल रहा है। यहां पर आकर उद्यमी सीधे मशीन चालू कर अपना काम करने लगेगे। उन्हें बिजली कनेक्शन लेने या अन्य विभाग से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी। बियाडा खुद उस पार्क का निर्माण किया है। यहां पर लेदर से ही संबंधित कार्य किया जा सकता है।

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