मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बिहार विवि में स्नातक तृतीय खंड प्रतिष्ठा परीक्षा के प्रतिष्ठा विषय की कॉपियों का मूल्यांकन घर पर जाकर करने के निर्णय के खिलाफ संबद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने आक्रोश जताया की है। संघ प्रतिनिधियों ने कुलपति को आवेदन देकर कहा कि यह निर्णय राजभवन के आदेश का उल्लंघन है। अगर इस पर विचार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन होगा।

  संघ अध्यक्ष पीके शाही ने बताया कि स्नातक तृतीय खंड परीक्षा 2019 के जीएस एवं प्रतिष्ठा विषय की उतर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने के लिए परीक्षकों को जो नियुक्ति पत्र दिया गया है उस पर घर पर कॉपी ले जाकर मूल्यांकन कराने की बात कही गई है। यह आदेश राजभवन के निर्णय का उल्लंघन है। वहीं परीक्षक बनाने में भी भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि राजभवन ने जो गाइडलाइन जारी की गई है। उसके हिसाब से मूल्यांकन काम सीसी कैमरे की निगरानी में होना चाहिए। घर पर कॉपी जांच होने पर यह संभव नहीं होगा। ऐसा होने पर पारदर्शिता की कमी की आशंका बनी रहती है। कई बार इस तरह की स्थिति में मूल्यांकन को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। इसलिए ऐसा करना सही नहीं होगा। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करना होगा।      

यह भी पढ़ें : BRABU में समाजशास्त्र विषय की ऐसी दुर्दशा, 39 में से सिर्फ दो अंगीभूत कॉलेजों में हो रही पढ़ाई

Posted By: Ajit Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस