मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बच्ची का जन्म यदि सामान्य हो और उनकी मां भी स्वस्थ हों तो किसी भी स्वास्थ्य केंद्र के लिए यह खुशी की बात तो हो सकती है, लेकिन उसकी मुश्किलें बढ़ जाए, इस पर सहसा यकीन करना संभव नहीं हो रहा। मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संदर्भ में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 जुलाई 2011 को एक महिला का बंध्याकरण किया गया था। आठ साल बाद उक्त महिला ने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है। महिला के पति ने इसकी शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी से की है। उन्होंने बंध्याकरण करने वाले चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि उनपर कार्रवाई हो और उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाए। इसकी वजह से होने वाली परेशानी का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसके बाद से मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

 इधर, शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इसमें एसीएमओ, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजुम आरा एवं डॉ. सीएन प्रसाद शामिल किए गए हैं।

इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति ने कहा कि बंध्याकरण के प्वाइंट एक प्रतिशत मामले में ऐसा देखने को मिलता है। कभी-कभी बंध्याकरण के बाद नस खुल जाती है, उस स्थिति में ऐसे केस सामने आते हैं।

वहीं सिविल सर्जन डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि शिकायत मिली है। जांच टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद समुचित कार्रवाई होगी।

Posted By: Ajit Kumar

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