मुजफ्फरपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण पर रोक के लिए लागू लॉकडाउन के चलते पिछले कई दिनों से अनिश्चतता व कालाबाजारी में डूबे बाजार की तस्वीर बदलने लगी है। आवक बढऩे व कालाबाजारी के खिलाफ जारी प्रशासनिक कार्रवाई से महंगाई भी नरम पड़ी है। हालांकि, कई इलाकों में मुनाफाखोर अभी सक्रिय हैं। उधर, कई इलाकों में अब भी दुकानदार प्रशासन द्वारा तय दर से अधिक कीमत वसूल रहे हैं।

वहीं, डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम लगातार दुकानों की जांच कर रही है। इसी बीच सोमवार को जिले में फल, आलू, प्याज, चावल, आटा, तेल, नमक, चीनी, मैदा और दाल आदि की बड़ी खेप पहुंची। बाजार समिति में सोमवार को फलों के 40 और प्याज के 30 ट्रक अनलोड हुए। वहीं, बड़ी संख्या में आलू के ट्रैक्टर भी अनलोड हुए। इसके अलावा चावल, दाल, तेल, नमक, मसाला, आटा व चीनी समेत उपभोक्ता सामग्री के 80 ट्रक अनलोड किए गए।

बाजार समिति में मंडी अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सोमवार को बाजार समिति में जिस तरह आवक हुई है, उससे काफी स्टॉक हो गया है। इससे अगले दस दिनों तक जिले में किसी सामग्री की कमी नही होगी। उधर, चार दिन बाद बाजार समिति में फलों के छोटे-बड़े ट्रक भी आए। इससे महंगाई पर भी रोक लगेगी।

बाजार में भीड़, व्यवस्था फेल

लॉकडाउन के बीच भले ही पुलिस की टीमें सड़क पर लाठीचार्ज कर रही हैं, लेकिन सब्जी बाजार में सारी व्यवस्था फेल है। शहर के नया टोल टेक्निकल चौक सब्जी बाजार, कटही पुल व नयाबाजार में सब्जी और फल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हैरत की बात यह कि यहां लॉकडाउन के तहत फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की कोई प्रशासनिक पहल नहीं दिखाई दे रही है। शहर की कई सब्जी बाजारों में लोगों की जबरदस्त भीड़ रही। हालांकि, कई सब्जी दुकानदार आवाज लगाकर लोगों को दूर से खरीदारी करने की बात कहते रहे। खरीदारी को आए मानवेंद्र प्रसाद, गुंजन शर्मा, हरिश्चंद्र प्रसाद आदि ने कहा कि पुलिस की सख्ती सड़क पर दिखती है। जहां दिखनी चाहिए, वहां नहीं दिखती। सब्जी बाजार में सबसे ज्यादा शारीरिक दूरी का उल्लंघन हो रहा है।

दोपहर 12 बजते ही बंद हो रहीं दुकानें

आवश्यक उपभोक्ता सामग्री की दुकानें सुबह छह शाम छह बजे तक खोलनी हैं। लेकिन, दोपहर में 12 बजते ही अधिकतर दुकानें बंद हो जाती हैं। पुलिसिया सख्ती से दुकानदार भी अपनी दुकान बंद कर रहे हैं। सोमवार को माड़ीपुर, बालूघाट, अखाड़ाघाट, सरैयागंज, सूतापट्टी, मोतीझील, गोला रोड व जवाहर लाल रोड समेत विभिन्न इलाकों में तमाम दुकानें बंद रहीं। वहीं, पुलिस की टीमें शहर की सड़कों पर गश्त लगाती रहीं।

कम से कम 50 रुपये में बिक रहा मास्क

जिले में सैनिटाइजर की कालाबाजारी जारी है। एक तो हर जगह उपलब्ध नही है। वही, जहां उपलब्ध है, वहां अधिक कीमत वसूली जा रही है। बाजार में 100 ग्राम के सैनिटाइजर की कीमत 200 रुपये तक वसूली जा रही है। इधर, बाजार में मास्क कम से कम 50 रुपये का बिक रहा है। वैसे बाजार में 200 रुपये तक का मास्क उपलब्ध है।

प्रशासनिक रेट का पालन नहीं

जिला प्रशासन उपभोक्ता सामग्री की कीमतें तय कर बाजार की मॉनीटङ्क्षरग कर रहा है। डीएम के आदेश के आलोक में प्रशासनिक टीमें लगातार विभिन्न इलाकों का दौरा कर दुकानों की जांच कर रही हैं। इसके चलते कालाबाजारी पर अंकुश लगा है। हालांकि, शहर में कही भी प्रशासन द्वारा जारी दर पर सामग्री नहीं बिक रही है। दुकानदार, अब भी उपभोक्ता सामग्री की अधिक कीमत वसूल रहे हैं।

प्रशासन द्वारा जारी उपभोक्ता सामग्री की दरें

सामग्री थोक दर : खुदरा दर

आटा : 1450 (49 किग्रा): 32 रुपये किलो

चावल मध्यम : 2600 क्विंटल : 28 रुपये किलो

चावल उसना : 2700 क्विंटल : 28 रुपये किलो

चावल अरवा : 3050 से 3300 प्रति क्विंटल : 32 से 34 रुपये

चावल फाइन : 3200 से 3800 प्रति क्विंटल : 33 से 39 रुपये किलो

अरहर दाल : 8000 प्रति क्विंटल : 81 रुपये किलो

चना दाल : 5400 से 6000 प्रति क्विंटल : 55 से 62 रुपये किलो

मसूर दाल : 6500 प्रति क्विंटल : 67 रुपये किलो

मूंग दाल : 1010 प्रति क्विंटल : 104 रुपये किलो

सरसो तेल

सलोनी :103 रुपये लीटर: 106 रुपये लीटर

धारा : 102 रुपये लीटर : 106 रुपये लीटर

हाथी :106 रुपये लीटर : 108 रुपये लीटर

अन्य : 101 रुपये लीटर : 104 रुपये लीटर

रिफाइन

नेचरफ्रेश : 101 रुपये लीटर : 104 रुपये लीटर

फार्चून : 101 रुपये लीटर : 104 रुपये लीटर

धारा : 103 रुपये लीटर : 105 रुपये लीटर

अन्य : 95 रुपये लीटर : 99 रुपये लीटर

नमक : 5 से 8 रुपये किलो : 8 से 12 रुपये किलो

चना : 5400 प्रति क्विंटल : 56 रुपये किलो

काबली चना : 5900 से 6400 प्रति क्विंटल : 61 से 65 रुपये किलो

मैदा : 1400 रुपये प्रति बैग : 31 रुपये किलो

चीनी : 3600 से 3650 प्रति क्विंटल : 37 से 38 रुपये किलो

लहसुन : 50 से 60 रुपये किलो: 60 से 70 रुपये किलो

मिर्चा : 150 रुपये किलो : 160 रुपये किलो

मटर : 53 रुपये किलो : 56 रुपये किलो

आलू : 1350 से 1500 प्रति क्विंटल : 15 से 16 रुपये किलो

प्याज : 1700 से 2000 : 20 से 21 रुपये किलो

जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि जिले में तमाम उपभोक्ता सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा उपभोक्ता सामग्री की आवक और नियंत्रण पर नजर रखी जा रही है। किसी भी वस्तु की किल्लत नहीं है। कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

 

Posted By: Ajit Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस