मुजफ्फरपुर,[संजीव कुमार]। सरकार के खजाना में पैसा भरा पड़ा है। लेकिन, सहकारिता विभाग किसानों से धान की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया था। इसे पूरा नहीं किया जा सका। फरवरी तक विभाग मात्र 19 हजार 536 मीट्रिक टन ही धान की खरीद कर पाया। ये लक्ष्य से काफी कम है। तमाम संसाधनों के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं होना सवालों के घेरे में है।

25 दिनों में क्रय करना है 30 हजार क्विंटल धान

अधिकारियों का कहना है कि अभी वित्तीय साल में करीब एक माह का समय बचा है। समाप्ति तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, दूसरी तरह सवाल यह है कि पचीस दिनों में 30 हजार क्विंटल धान खरीद करना विभाग के लिए कठिन साबित हो सकता है। बहरहाल, जो परिणाम आए यह तो 31 मार्च 2020 के बाद ही पता चलेगा कि अधिकारियों का दावा कितना सही साबित होता है।

किसानों को किया जा रहा जागरूक

35 करोड़ 45 लाख 89 हजार 616 रुपये का खरीदा गया धान सरकार द्वारा धान क्रय के लिए 1815 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार अब तक 35 करोड़ 45 लाख 89 हजार 616 रुपये की धान की खरीद की गई है। बता दें कि जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 6294 और पंजीकृत पैक्स व व्यापार मंडलों की संख्या 347 है। लेकिन, सक्रिय रूप से 265 पैक्स और छह व्यापार मंडल ही काम कर रहे हैं। इनके द्वारा ही किसानों से धान क्रय किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि अन्य पंजीकृत किसानों को भी सक्रिय करने की दिशा में कवायद चल रही है।

पंजीकृत मिल चावल तैयार कर देते एसएफसी को

धान क्रय के बाद पंजीकृत मिल ही चावल तैयार करते हैं। बता दें कि जिले में पंजीकृत मिलों की संख्या 21 है। इसमें 20 का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है। ये सभी मिल पैक्स व व्यापार मंडल से संबद्ध हैं। धान अधिप्राप्ति के बाद पंजीकृत मिलों द्वारा राज्य खाद्य निगम को 189 लौट यानी 51 हजार 30 क्विंटल चावल दे दिया गया है। एसएफसी के जिला प्रबंधक प्रवीण कुमार दीपक ने कहा कि 51 हजार 30 क्विंटल चावल की खरीद की जा चुकी है। बता दें कि इन सभी बिंदुओं को लेकर गत सप्ताह जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी कांटी स्थित एसएफसी के चावल गोदाम का निरीक्षण किया था।

जिला सहकारिता पदाधिकारी ललन कुमार शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा धान क्रय के लिए दिए गए लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने की पूरी कोशिश होगी। अभी एक महीना का समय शेष है। हर हाल में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।

 

Posted By: Ajit Kumar

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