मुजफ्फरपुर। पारू थाना क्षेत्र के बाजितपुर पाल टोला निवासी मोहन सहनी के पुत्र पप्पू की अपहरण कर हत्या मामले में साला- बहनोई की साजिश का खुलासा होते ही ग्रामीणों मे आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना की साजिश छह महीने पहले से रची जा रही थी, लेकिन पप्पू के परदेस में रहने से सफलता नहीं मिल पा रही थी। पुलिस ने हत्याकाड में शामिल साला, बहनोई और उसके एक रिश्तेदार की गिरफ्तारी कर साजिश का खुलासा कर दिया है। बताया जाता है कि पप्पू हत्याकाड में गिरफ्तार भिखारी सहनी एवं दिलीप सहनी रिश्ते में पिता-पुत्र हैं जो साहेबगंज थाने के साहपुर गाव ननिहाल में रहता है और दिलीप की शादी बाजितपुर पाल टोला निवासी बलिराम सहनी के घर में हुई है। कुछ वर्षो पूर्व दिलीप के ससुराल में शादी के दौरान अपने बाल बच्चों के साथ गया था। उस समय से ही पप्पू के साथ विवाद शुरू हुआ था जिसका परिणाम पप्पू की हत्या बताया जा रहा है।

पुलिस हत्या के कारणों तक पहुंच चुकी है और हत्या में शामिल तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद शव को ठिकाने लगाने मे सहयोग करने वालों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्या में सहयोग करने वाले को चिह्नित किया जा रहा है।

पप्पू का शव पहुंचते गाव में मचा कोहराम : जैसे ही पप्पू का सिर कटा शव पोस्टमार्टम से गाव पहंचा, वैसे ही कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन कह रहे थे कि अपना घर में शादी और हमरा बबुआ के खून ले लिहले हे भगवान। शव की दुर्गंध से कोई ठहरने का नाम नहीं ले रहा था। मुखिया सुनैना देवी ने अपने पति राजकुमार पासवान के सहयोग से आनन- फानन में शव को दाहसंस्कार के लिए श्मशान घाट भेज दिया। परिजन को कबीर अंतेष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये दिए।

Posted By: Jagran

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