मुजफ्फरपुर, जेएनएन। नौकरी छोड़ राजनीति में आए आइएएस ऑफिसर कन्नन गोपीनाथ ने केंद्र सरकार के कार्यों की जमकर आलोचना की। वे दीवान रोड में आयोजित ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम के नागरिक संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की जनता बड़ी धौर्यवान है। अपने ही देश के लोगों से नागरिकता का सुबूत मांगा जा रहा है।

 बिना सोचे समझे नोटबंदी की गई। इस कारण देश की गरीब जनता तबाह और बर्बाद हुई। नोटबंदी से देश 20 साल पीछे चला गया। अपने ही पैसे लेने के लिए लोगों को तीन महीने तक रात-रातभर सड़कों पर भटकना पड़ा। पैसे नहीं मिलने के कारण कई लोग जान तक गंवा बैठे। जनता से बगैर पूछे और बिना किसी प्लानिंग से हो रहे कार्य से आम लोग परेशान हैं।

उन्होंने आह्वान किया कि एनआरसी, नागरिक संशोधन विधेयक व डिटेंशन कैंप का जनता विरोध करे। देश में कुछ भी कहने की आजादी नहीं है। कश्मीर में बोलने पर 100 युवाओं को जेल में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि नौकरी में रहकर बोलना संभव नही था। नौकरी छोड़ दी तो चार्जशीट कर दिया। ईमानदारी से काम किया तो बाढ़ राहत की रिपोर्ट मांगी जा रही है। मौके पर सूरज कुमार सिंह, आफताब आलम, जावेद कैसर, प्रो. अरविंद कुमार डे, शाहिद कमाल सहित अन्य लोग मौजूद थे। 

Posted By: Ajit Kumar

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