Ground Report: बिहार में जीविका दीदियों के चेहरे पर निराशा, नीतीश कुमार को याद कर आंखें हुईं नम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से मुजफ्फरपुर की लगभग 9 लाख जीविका दीदियां निराश हैं। वे अपने 'नीतीश भैया' को ...और पढ़ें
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जीविका दीदीयां और नीतीश कुमार। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुख्यमंत्री के पद से नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद जिले की करीब 9 लाख जीविका दीदियों के चेहरे पर निराशा के भाव हैं।
अपने चहेते और प्रिय नीतीश भैया को याद कर दीदियों की आंखें नम हो जाती हैं। शराबबंदी को सफल बनाने में जीविका दीदियों ने अहम योगदान दिया।
इस कारण नीतीश भी दीदियों को खूब मानते थे। उनकी कही गई बातों पर भरोसा भी करते थे। जीविका दीदियों को फर्श से अर्श तक ले जाने में उन्होंने दिन रात एक कर दिया।
इसी का परिणाम है कि जीविका दीदियां आज सामाजिक और आर्थिक रूप से इतनी सशक्त हो गई है कि वे हर क्षेत्र में बेहतर कर रही हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पिछले बार जिले की लाखाें दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे गए थे।
इस दौरान सकरा की चंदू भारती ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नीतीश कुमार से बात की थी। उन्होंने नीतीश भैया कहकर संबोधित किया और अपनी सफलता की कहानी बयां की।
इससे पहले जब शराबबंदी के कुछ साल बाद नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर आए थे, तो कुढ़नी की एक महिला ने नशामुक्ति को लेकर एक गीत स्टेज पर गाया था।
इससे नीतीश बहुत प्रसन्न हुए थे। इससे पूर्व सैंकड़ों दीदियां पटना से लेकर मुजफ्फरपुर तक उनसे बात कर चुकी हैं। करजा की खुशबू दीदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को बहुत कुछ दिया।
आज हमलोग समाज में सिर उठाकर जी रहे हैं। आर्थिक तंगी दूर हो चुकी है। अब सिर्फ अपना नहीं, बल्कि परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। आसपास की महिलाओं को रोजगार भी बांट रही हैं।
इससे सामाजिक तौर पर उनकी भूमिका सशक्त हुई है। हालांकि नीतीश कुमार के पद छोड़ने से वे उदास हैं। कहती हैं कि सभी दीदियों को वे अपनी बहन की तरह मानते थे। उनके पद छोड़ने से सभी दीदियों में निराशा और उदासी छाई हुई है।
