मोतिहारी, [सत्येंद्र झा]। जीविका दीदियां महिलाओं को स्वच्छता के लिए प्रेरित करेंगी। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर बैठक करने के साथ हर घर तक पहुंचेंगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए एक योजना बनाई है। इसके तहत जीविका दीदियों को बंजरिया में लगे सेनेटरी पैड उद्योग से जोड़ा जाएगा। इससे जहां इस उद्योग को फायदा मिलेगा, वहीं ग्रामीण महिलाओं को उचित दर पर सेनेटरी पैड मिल सकेगा। वर्ष 2020 में कोरोना की पहली लहर में जिले में बहुत से प्रवासी घर लौटे थे। इसमें हुनरमंद प्रवासियों को रोजगार देने के लिए जिले में चार अलग-अलग प्रखंडों कुमारबाग, बंजरिया, संग्रामपुर और सुगौली में होजरी व सेनेटरी पैड के उद्योग लगाए गए थे। बंजरिया में अक्टूबर, 2020 में 'चंपारण सेनेटरी पैडÓ नाम से यूनिट शुरू हुई थी। 10 सदस्यीय टीम इसका संचालन करती है। सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था। सभी सदस्यों ने 15-15 फीसद की राशि पूंजी के रूप में निवेश की है। यहां प्रतिदिन 10 हजार पीस पैड का निर्माण हो रहा है। महीने में चार से पांच लाख रुपये की बिक्री हो रही है। सप्लाई सूबे के कई जिलों के साथ यूपी व नेपाल तक हो रही है।   

     टीम के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की थी कि इससे जीविका की महिलाओं से जोड़ा जाए, ताकि उद्योग को मजबूती और गांव की महिलाओं को उचित रेट में सेनेटरी पैड मिल सके। इसके बाद यह पहल हुई है। जिले में तकरीबन साढ़े पांच लाख जीविका दीदियां हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सात पैड के सेट का मूल्य 42 रुपये रखा गया है। जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सरकारी सहायता से पैड उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ दिलाने के लिए इस उद्योग से जीविका को जोड़ा जा रहा है। वे घर-घर पहुंचेंगी। उनके माध्यम से सेनेटरी पैड को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पंपलेट व प्रचार वाहन से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार कराया जाएगा। 

Edited By: Ajit Kumar