मुजफ्फरपुर [जेएनएन]। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि देशहित में जदयू नोटबंदी के साथ है। काला धन के खिलाफ कार्रवाई पार्टी की नीतियों में शामिल है। प्रदेश के एक बड़े अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई इसका उदाहरण है। जहां तक गठबंधन में शामिल राजद एवं कांग्रेस की बात है तो उनकी अपनी सोच है। वे उसके हिसाब से चल रहे हैं। हम अपनी सोच से।

हालांकि नीतीश कुमार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी से बात कर अपनी राय से अवगत करा दिया था। जहां तक दूसरी पार्टियों के विरोध का सवाल है तो नोटबंदी का प्रतिफल उनकी राय बदल सकती है। भारत बंद में जदयू शामिल नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष ने उक्त बातें रविवार को जिला जदयू कार्यालय में आयोजित पार्टी नेता डॉ. सतीश पटेल, कृष्णदेव महतो, रमज्ञा सहनी एवं सुनील कुमार पटेल के श्रद्धांजलि समारोह में शिरकत करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहीं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग नोटबंदी के समर्थन को भाजपा के साथ नजदीकी बढऩे की बात बता रहे हैं। ऐसा नहीं भाजपा से अलग होते समय जो दूरी थी वह आज भी है। नोटबंदी भाजपा नहीं, केंद्र सरकार का फैसला है। यदि केंद्र सरकार देशहित में कोई फैसला लेती है तो उसका समर्थन होना चाहिए।

केंद्र सरकार के इस फैसले को छोड़ दें तो उसने अपने देश को बांटने वाली नीति को बढ़वा दिया है, जिसका जदयू विरोध करती आई है और करती रहेगी। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव द्वारा नोटबंदी का विरोध किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। शरद नोटबंदी का विरोध नहीं कर रहे हैं। वे इसके लागू करने के तरीके का विरोध कर रहे हैं। वे पार्टी की नीति के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब बेनामी संपत्तियों पर प्रहार करे। बेनामी संपत्तियां देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रदेश महासचिव नवीन आर्या, पूर्व मंत्री रमई राम, पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती, जिलाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा एवं महानगर अध्यक्ष अम्बरीश कुमार सिन्हा उपस्थित थे।

Posted By: Kajal Kumari

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