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अंतरराज्यीय गिरोह: फर्जी वीजा पर विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मामले में धनबाद व पटना में छापेमारी

By Keshav Kumar Edited By: Ajit kumar
Published: Mon, 10 Nov 2025 12:48 PM (GMT+05:30)

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में फर्जी वीजा कंपनी के संचालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पटना और धनबाद में छापेमारी ...और पढ़ें

इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। 

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Crime: अहियापुर थाना के बैरिया स्थित एक माल मे संचालित फर्जी वीजा कंपनी इंपीरियल इंटरप्राइजेज के संचालक अभिषेक कुमार समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पटना और झारखंड के धनबाद मे ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

आरोपितों के गिरफ्तारी के लिए पुलिस जाल बिछा दिया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ क्लू हाथ लगा। इसके आद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी हो जाएगी। दरोगा प्रमोद कुमार ने बताया कि गुप्तचरों की मदद ली जा रही है।

सर्विलांस के तहत आरोपितों के गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कुछ नए मोबाइल नंबर का भी आरोपितों ने इस्तेमाल किया है। उसे भी खंगाला जा रहा है। मालूम हो कि छह अक्टूबर को बैरिया पूरानी मोतिहारी रोड स्थित पारस माल मे चल रहे फर्जी वीजा कंपनी इंपीरियल इंटरप्राइजेज का पर्दाफाश होने के बाद तीन सौ से अधिक बेरोजगार युवक मौके पर पहुंच हंगामा किया था।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी हैरान मे पर गयी थी। मामले को लेकर पुलिस पीड़ितों के शिकायत पर झारखंड के धनबाद जिले के कलरास रोड भटकुलिया निवासी अभिषेक कुमार, रंजीत कुमार शर्मा, संदीप कुमार, विनय शर्मा व मो.अरमान पर प्राथमिकी दर्ज की थी।

तीन सौ लोगों को नौकरी के लिए वीजा देकर तीन करोड़ से अधिक ठगी के मामले को लेकर पीड़ितों ने डीएम और सिटी एसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के नेतृत्व मे एसडीपीओ टू और अहियापुर थानाध्यक्ष कार्यालय खोलकर मामले की तहकीकात किया था।

वहां से पुलिस को कुछ कागजात हाथ लगे थे, जिसके तहत पुलिस आरोपितों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दिया था। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में कार्यालय को सील कर दिया था। पुलिस की जांच में पता चला कि रैकेट के सरगना का तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा है।

पुलिस को जांच में पता चला है कि मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, धनबाद, रांची, बेतिया समेत कई शहरों में इसके एजेंट हैं। जहां भोले भाले लोगों से विदेश भेजने के नाम पर ठगी की जाती थी।