मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, कांटी पिपराहन ब्रिज पर हुआ ट्रायल
मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर कांटी और पिपराहन स्टेशन के बीच नवर्निमित पुल संख्या 139 पर ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने के ...और पढ़ें

पाबंदी हटने से ट्रेनों की रफ्तार में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा।
HighLights
नवर्निमित पुल संख्या 139 पर ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने हेतु परीक्षण।
विशेष टेस्ट ट्रेन को अलग-अलग गति में चलाकर पुल की वहन क्षमता जांची गई।
सफल परीक्षण के बाद मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Motihari Rail: मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर कांटी और पिपराहन स्टेशन के बीच नवर्निमित ब्रिज संख्या 139 पर बुधवार को ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने के उद्देश्य से गहन तकनीकी परीक्षण किया गया।
इस दौरान विशेष टेस्ट ट्रेन को अलग-अलग स्पीड में चलाकर पुल की वहन क्षमता और कंपन का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
दोनों दिशाओं से चार-चार फेरे लगाकर कुल आठ बार ट्रेन गुजारकर तकनीकी मानकों की जांच पूरी की गई।
आठ बार हुआ परीक्षण
रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस स्पीड ट्रायल का मुख्य उद्देश्य ट्रैक और पुल की स्थिरता को परखना था।
परीक्षण के सभी आंकड़े दर्ज कर लिए गए हैं, जिनके आधार पर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस जांच रिपोर्ट के उच्चाधिकारियों से स्वीकृत होते ही ब्रिज पर ट्रेनों की नई अधिकतम रफ्तार आधिकारिक तौर पर तय कर दी जाएगी।
पुरानी गति सीमा खत्म
दोहरीकरण परियोजना के तहत तैयार इस नए ब्रिज पर सुरक्षा मानकों के तहत पिछले वर्ष 29 जनवरी से ट्रेनों का परिचालन केवल 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जा रहा था।
मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के लिए तय इस कॉशन ऑर्डर के कारण ट्रेनों के समय पालन पर भी असर पड़ रहा था।
अब सफल परीक्षण के बाद गति सीमा पर लगी पाबंदी हटने से ट्रेनों की रफ्तार में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण स्पीड ट्रायल के दौरान पूर्व मध्य रेल के डिप्टी सीई (कंस्ट्रक्शन) अवनीश सोनू, टीआई मनोज कुमार सिंह तथा पीडब्ल्यूआई ओम प्रकाश सहित निर्माण व परिचालन विंग के कई प्रमुख तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।
रेल अधिकारियों का मानना है कि गति सीमा बढ़ते ही मुजफ्फरपुर से मोतिहारी और रक्सौल की ओर जाने वाली ट्रेनों के रनिंग टाइम में कमी आएगी और यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
