मुजफ्फरपुर : कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को बिहार विद्युत विनियामक आयोग की जन-सुनवाई हुई। इसमें बिजली दर में बढ़ोतरी की बात सभी ने एक स्वर से खारिज कर दी। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (एनबीपीडीसीएल) के 2020-21 में बिजली दर में बढ़ोतरी के आग्रह पर शहर के कुछ नामचीन उद्यमी व व्यवसायी इसमें शामिल हुए। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी से कहा कि पूरे जिले में लो वोल्टेज, ट्रिपिंग व बिलिंग की समस्या है। उनका ध्यान जर्जर तार बदलने, लग रहे एबी केबल के नीचे लटकने समेत अन्य समस्याओं पर आकृष्ट कराया।

लघु उद्योग भारती के श्याम सुंदर भिमसेरिया व उत्तर बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि 33 केवीए सीधी लाइन लेने के लिए 1000 के बदले 750 किलोवाट से शुरू किया जाए। इससे उद्यमियों को मदद मिलेगी। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की बिजली अलग करने का आग्रह किया।

सूतापंट्टी में पोल टेढ़ा, कभी भी गिर सकता : उत्तर बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोतीलाल छापड़िया ने सूतापंट्टी में बिजली पोल टेढ़ा होने और कभी भी गिरने की आशंका जताते हुए शिकायत की। इस पर आयोग ने शीघ्र इसे ठीक कराने का आदेश दिया। बाहर निकलने पर कार्यपालक अभियंता राजू कुमार ने इसका दोष उन्हीं पर मढ़ दिया। कहा कि, बिजली विभाग को लेटर देने के बजाय आपने नगर निगम को पत्र दे दिया। खैर उन्होंने पोल शीघ्र बदलवाने का आश्वासन दिया।

जन-सुनवाई के दौरान ही कई बार हुई ट्रिपिंग

जन-सुनवाई के दौरान ही बार-बार बिजली कटने से आयोग अध्यक्ष खिन्न हो गए। अरबन-1 के कार्यपालक अभियंता मीटिंग हॉल से थोड़ी देर के लिए बाहर गए और लौटने पर लोकल फॉल्ट बताया। वहां जेनरेटर की सुविधा थी, लेकिन बीच में ही सुनवाई रोकनी पड़ सकती थी। मुजफ्फरपुर प्रमंडल के विद्युत अभियंता रीतेश कुमार ने शहर व आसपास इलाके में सात पावर सब स्टेशन में तीन में कार्य शुरू होने तथा छोटा फीडर बनने से बिजली में सुधार की जानकारी दी। विद्युत कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, छविंद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार जायसवाल, प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार समेत बीईआरसी के सदस्य आरके चौधरी व राजीव अमित तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि व उपभोक्ता मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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