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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AES के बाद वायरल बुखार का प्रकोप : SKMCH में एक की मौत, 23 मरीज भर्ती Muzaffarpur News

By Ajit KumarEdited By:
Published: Thu, 25 Jul 2019 09:46 PM (GMT+05:30)

एसकेएमसीएच में वायरल बुखार से किशोरी की मौत गंभीर हालत में 23 मरीज भर्ती। 16 बच्चों को शिशु वार्ड में कराया गया भर्ती सभी का चल रहा सघन इलाज।

AES के बाद वायरल बुखार का प्रकोप : SKMCH में एक की मौत, 23 मरीज भर्ती Muzaffarpur News
AES के बाद वायरल बुखार का प्रकोप : SKMCH में एक की मौत, 23 मरीज भर्ती Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एसकेएमसीएच में वायरल बुखार से पीडि़त एक किशोरी की मौत हो गई। वह मीनापुर राघोपुर के गौरीशंकर साह की पुत्री चांदनी कुमारी थी। परिजनों ने बताया कि वह बदन दर्द के साथ सर्दी-खांसी व बुखार से पीडि़त थी। स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर गुरुवार को एसकेएमसीएच ले आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इधर, अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार 16 बच्चों समेत 23 मरीजों को भर्ती किया गया है।

 बारिश और उमस के बीच वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। एसकेएमसीएच, सदर अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों का आना जारी है। लगभग हर घर में लोग पीडि़त हैं। सभी उम्र के लोग इसके शिकार हो रहे, लेकिन बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।

 एसकेएमसीएच के औषधि विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ. अकील अहमद मुमताज, डॉ. सतीश कुमार सिंह, शिशु रोग विभाग के डॉ. जेपी मंडल एवं डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के समय वायरल बुखार का सर्वाधिक खतरा रहता है। यह बीमारी संक्रमण से होती है। इससे पीडि़त मरीज पांच से सात दिन तक परेशान रहता है। इसमें तत्काल एंटीबायोटिक दवा नहीं लेनी चाहिए।

वायरल बुखार के लक्षण

तेज बुखार व जोड़ों में दर्द, आंख लाल होना, नाक के पास खुजलाहट, गले में खरास, हल्की सर्दी व लगातार छींक आना।

बचाव के लिए करें ये उपाय

बारिश में नहीं भीगे, ठंडे खाद्य पदार्थ से बचें। बाहर के खाने-पानी के उपयोग से बचें। पौष्टिक आहार लें। बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।

 इस बारे में एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने कहा कि कुछ दिनों से सर्वाधिक वायरल बुखार से पीडि़त मरीज पहुंच रहे। मेडिसिन एवं शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक कक्ष परिचारिका को रखने का आदेश दिया गया है।