मुजफ्फरपुर। आइबीपीएस क्लर्क की परीक्षा में कच्ची पक्की स्थित केंद्र पर दोपहर में संचालक की ओर से बार-बार परीक्षार्थियों पर जबरन परीक्षा देने का दवाब बनाया जा रहा था। इसपर परीक्षार्थियों ने कहा कि समय के काफी देर बाद भी परीक्षा शुरू नहीं हुई तो काफी विद्यार्थी लौट गए उनकी परीक्षा का क्या होगा? एक साथ पूरे देशभर में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित हो रही है तो समय समाप्त होने के बाद केंद्र पर कैसे परीक्षा आयोजित होगी। इस पर केंद्र पर मौजूद यूनियन बैंक के अधिकारी शशांक कुमार ने कहा कि आइबीपीएस से वार्ता हुई है और वहां से सिर्फ पहले शिफ्ट की परीक्षा जो तकनीकी कारण से रद हुई उसे 12 दिसंबर को शिड्यूल किया जा रहा है। शेष शिफ्ट के विद्यार्थी को आज ही परीक्षा देना होगा। विद्यार्थियों ने जब एडमिट कार्ड पर दिए नियम का हवाला दिया तो वे बिना कुछ बोले ही भीतर चले गए। इसपर छात्र-छात्राओं का गुस्सा भड़क गया।

गेट पर मौजूद कर्मी ने परीक्षार्थियों से किया दु‌र्व्यवहार : केंद्र पर मौजूद कर्मियों ने भीतर से ही ताला जड़कर गेट बंद कर रखा था। बार-बार वे भीतर से ही वार्ता करने के लिए आ रहे थे। जब विद्यार्थी उसका वीडियो बनाने लगे तो कर्मियों ने पहले मना किया और जब नहीं माने तो दु‌र्व्यवहार किया और मोबाइल छीनने लगे। यह सब पुलिस के जवानों के सामने हो रहा था।

4:45 में एसडीएम बोले 4:30 से होगी परीक्षा, इसपर भड़के छात्र : एसडीएम कुंदन कुमार ने करीब एक घंटे तक केंद्र संचालकों का पक्ष जाना। जब वे माइक्रोफोन से परीक्षार्थियों को संबोधित कर रहे थे उस समय शाम के 4:45 हो रहे थे। जबकि, उन्होंने कहा कि परीक्षा शाम 4:30 से आयोजित करने का निर्णय हुआ है। विद्यार्थियों ने उन्हें बताया भी पर उन्होंने इसपर ध्यान ही नहीं दिया। साथ ही छात्र-छात्राओं ने यह कहा कि केंद्र की गड़बड़ी के कारण वे इतनी देर से परीक्षा क्यों दें। जब एक शिफ्ट को दूसरे दिन शिड्यूल किया गया तो तीनों को उसी दिन शिड्यूल किया जाए। परीक्षार्थी इसी का लिखित आश्वासन देने की मांग कर रहे थे। लेकिन, एसडीएम ने कहा कि परीक्षा रद नहीं होगी। जिन्हें परीक्षा में शामिल होना है वे भीतर आएं और बाकी परिसर छोड़ दें। लेकिन इस घोषणा के बाद भी एक भी परीक्षार्थी भीतर परीक्षा के लिए नहीं गए। जब एसडीएम से बहुत विद्यार्थियों के विलंब होने पर वापस चले जाने की स्थिति में परीक्षा के आयोजन पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से इन्कार कर दिया। हालांकि, उन्होंने माइक्रोफोन के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सभी का परीक्षा नहीं देने का एक मत है तो इसकी जानकारी आइबीपीएस को दी जाएगी। इसके बाद वहां से निर्देश आने पर आगे की कार्यवाही होगी।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप