झंझारपुर (मधुबनी), संस। झंझारपुर कोर्ट परिसर में चैंबर में एडीजे अविनाश कुमार प्रथम के साथ मारपीट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में पुलिस संगठन व न्यायिक संगठन आमने-सामने आ चुके हैं। सबकी निगाहें 29 नवंबर को हाईकोर्ट में होने वाली इस मामले की सुनवाई पर टिकी हुई है। इस बीच मामले में जांच करने प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार एवं आईजी अजिताभ कुमार बुधवार को दूसरे दिन झंझारपुर पहुंचे। इससे पहले दोनों वरीय पदाधिकारी 21 नवंबर को झंझारपुर आए थे और घटना के वक्त मौजूद कई अधिवक्ताओं, कथित तौर पर एडीजे के कक्ष में मौजूद जेई दीपक राज, चिकित्सा दल एवं पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान लिए गए थे। उस दिन इन पदाधिकारियों से मिलने एक भी न्यायिक अधिकारी या कोर्ट कर्मी नहीं पहुंचे थे। 

उसके दो दिन बाद बुधवार को एक बार फिर दोनों पदाधिकारी पहुंचे। इन्होनें पहुंचने के बाद न्यायिक अधिकारियों व कोर्ट कर्मियों से आने का आग्रह किया, लेकिन इनके आग्रह को यह कहकर ठुकरा दिया गया कि जब तक हाईकोर्ट का कोई निर्देश नहीं मिलता, कोई न्यायिक अधिकारी या कोर्ट कर्मी इस मामले में किसी पुलिस या प्रशासन के अधिकारी से नहीं मिलेंगे। आखिरकार दोनों पदाधिकारियों को निराशा ही हाथ लगी। इधर, दोनों पदाधिकारियों ने बुधवार को एक बार फिर कथित रूप से घटना के समय एडीजे के कक्ष में मौजूद नगर पंचायत के जेई दीपक राज से दुबार बात की। दोनों पदाधिकारी करीब एक घंटा झंझारपुर में रुके और फिर वापस चले गए। इस अवसर पर डीएम अमित कुमार एवं एसपी डॉ. सत्यप्रकाश समेत अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। 

किराये के दुकान के मकान को लेकर विवाद, जड़ा ताला :

मुजफ्फरपुर : नगर थाना के सूतापट्टी में साड़ी की दुकान के मकान की दावेदारी को लेकर चल रहे विवाद में ताला जडऩे का आरोप लगाया गया है। दुकान संचालक अमित कुमार ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें बालूघाट मोहल्ला के रामाशंकर सिंह को आरोपित बनाया है। कहा है कि 60-65 साल से उसका परिवार उक्त मकान में किराये में साड़ी की दुकान चला रहा है। रामाशंकर सिंह जबरन मकान का मालिक बता कर परेशान कर रहा है। इसको लेकर कोर्ट में वाद भी चल रहा है। इस बीच 21 नवंबर को दुकान में जबरन ताला लगा दिया।

Edited By: Ajit Kumar