मुजफ्फरपुर [जेएनएन]। बिहार के मुजफ्फरपुर के छातापुर बाजार में सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। सावन की अंतिम सोमवारी व बकरीद एक ही दिन पड़ने के करण मुसलमानों ने बकरीद की कुर्बानी को एक दिन के लिए टालने का बड़ा फैसला लिया है। वार्ड पार्षद केपी पप्पू के आग्रह पर मुस्‍लिम समुदाय के लोगों ने भाईचारा बनाए रखने का यह ऐतिहासिक फैसला किया है।
छाता बाजार मस्जिद के इमाम मौलाना सईदुज्जमां एवं मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष दिलशाद अहमद व सचिव हाजी मो. आजाद ने समुदाय के लोगों से बकरीद की कुर्बानी मंगलवार को करने की अपील की। उन्‍होंने बताया कि इस अपील के बाद मुसलमानों ने बकरीद के प्रथम दिन (सोमवार) को कुर्बानी नहीं करने का फैसला किया। हां, नमाज अपने वक्‍त पर ही हुई।
सावन के मौके पर बाबा गरीबनाथ मंदिर में शिवभक्‍त उमड़े। उनकी धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए यह फैसला लिया गया। छाता बाजार मस्जिद के सचिव ने बताया कि छातापुर बाजार के करीब ढाई से तीन दर्जन मुस्लिम परिवारों ने बकरीद के अगले दिन कुर्बानी देने पर सहमति जताई। अब वे मंगलवार को कुर्बानी देंगे।

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Posted By: Ajit Kumar