जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार में शराब धंधेबाज बेखौफ हैं। शराब धंधेबाजों ने पिछले एक सप्ताह में उत्पाद विभाग के जवान और एक गार्ड की हत्या कर दी। ये दो वारदात शराब माफियाओं के दुस्साहस का उदाहरण भर हैं। पिछले पांच साल में शराब माफियाओं ने छह जवानों की जान ले ली है, जबकि हमले में 50 से अधिक घायल हो गए।

बता दें कि 16 जनवरी की रात मुजफ्फरपुर में शराब धंधेबाजों ने उत्पाद विभाग के जवान दीपक कुमार को बूढ़ी गंडक नदीं में डुबोकर मार डाला था। साथी जब तक पहुंचते धंधेबाज भाग निकले। उसके छह दिन बाद 22 दिसंबर की रात दरभंगा के माधोपट्टी में गाड़ी पर शराब लोड करने का विरोध करने पर सेवानिवृत्त चौकीदार व फ्यूल पंप के गार्ड प्रमोद पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी।

पिछले चार साल में शराब माफियाओं ने छह जवानों की हत्या कर दी। मृतक पुलिस, उत्पाद विभाग और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान थे। धंधेबाजों ने किसी की गोली मारकर हत्या कर दी तो किसी को गाड़ी से रौंद दिया।

मधुबनी में एसएसबी जवान पर चढ़ा दी थी गाड़ी

नेपाल से तस्करी की शराब भारत लानेवाले धंधेबाजों ने 29 अगस्त, 2022 की रात मधुबनी के खुटौना में भारत-नेपाल सीमा से पांच सौ मीटर पहले एसएसबी की 18वीं वाहिनी के दो जवानों को स्कार्पियो से रौंद दिया था। हिमाचल प्रदेश के चंबा निवासी कांस्टेबल देवराज की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि दूसरा जवान कई हफ्ते अस्पताल में रहा।

इससे पहले 15 जुलाई, 2021 की रात दरभंगा के केवटी में तस्करों ने होमागार्ड जवान को रौंद दिया था। मनीगाछी के पैठान कबई निवासी जवान सफीउर रहमान को आधा किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए थे। शिवहर में जनवरी, 2021 में पुरनहिया में शराब तस्करों ने पुरनहिया थाने में तैनात जमादार जयप्रकाश कुमार पर कार चढ़ा दी थी। उनकी पांव की हड्डी टूट गई थी।

पुलिस अधिकारी बताते हैं कि गाड़ियों की चेकिंग के लिए चेकपोस्ट होते हैं। कई बार शराब की सूचना पर हाईवे पर भी जांच की जाती है। तस्कर भागने के दौरान ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

गोली चलाने से नहीं चूकते

छापेमारी के दौरान धंधेबाज पुलिस टीम पर गोली चलाने से नहीं चूकते। सीतामढ़ी के मेजरगंज में 24 फरवरी, 2021 को छापेमारी करने गए दारोगा दिनेश राम को धंधेबाजों ने गोली मार दी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई थी। गोली लगने से एक चौकीदार भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। 2017 में 27 नवंबर को समस्तीपुर के हलई धंधेबाजों ने बीएमपी (बिहार मिलिट्री पुलिस) जवान अनिल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

धंधेबाजों ने एसएसबी जवान व चौकीदार पर चढ़ा दी थी गाड़ी

मिथिला प्रक्षेत्र, दरभंगा के पुलिस महानिरीक्षक ललन मोहन प्रसाद ने कहा कि दरभंगा के कमतौल में सेवानिवृत्त चौकीदार की हत्या और विशनपुर में उत्पाद विभाग की टीम पर हमले में दोषियों को चिह्नित किया गया है। गिरफ्तारी के बाद स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। शराब धंधेबाजों का साथ देनेवालों की भी सूची तैयार की गई है। इनके विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्वी बिहार में कोसी, सीमांचल में भी हुए हमले भागलपुर

बिहार के अन्य हिस्सों में भी पुलिस वालों पर शराब धंधेबाजों के हमले की खबरें आती रही हैं। मुंगेर में जनवरी के दूसरे सप्ताह में आदिवासी बहुल क्षेत्र वनवर्षा में छापेमारी करने गई उत्पाद विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। इसमें उत्पाद विभाग का जमादार के सिर में चोट लगी थी। बांका में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला हुआ था। एक सिपाही और एक होमगार्ड के जवान जख्मी हुए थे। सहरसा के नवहट्टा में हमले में दो पुलिसकर्मी मामूली तौर पर जख्मी हो गए थे। मधेपुरा में एक साल पहले शराब के अड्डे पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस पर हमला किया गया, जिसमें चार जवान और एक महिला सिपाही भी जख्मी हुई थीं।

Edited By: Roma Ragini

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