मुजफ्फरपुर, जेएनएन। भूकंप आने पर सबसे अधिक नुकसान लोगों की अज्ञानता और मकान गिरने से होता है। इसलिए भवन निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राजमिस्त्री ही है। उन्हें प्रशिक्षण देना आपदा प्रबंधन विभाग की प्राथमिकता है। ये बातें आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के विशेष कार्य पदाधिकारी शशिकांत तिवारी ने कहीं।

 समाहरणालय के सभागार में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि भवन निर्माण करने वाले अनुभवी राजमिस्त्रियों और सिविल अभियंताओं को भूकंपरोधी मकान बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 12 फरवरी से जिला मुख्यालय में अभियंताओं को और 22 से 28 फरवरी को अंचलवार राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 पटना से आए नोडल पदाधिकारी वरुण कांत मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण में भूकंपरोधी भवन निर्माण की नवीनतम तकनीक की जानकारी राज मिस्त्रियों को दी जाएगी। अपर समाहर्ता, आपदा अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि इस संबंध में सभी सीओ को निर्देशित किया गया है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण का कार्य पूर्ण किया जाएगा। कार्यशाला में प्रशिक्षण पर्यवेक्षक, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के शिवशंकर प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, सभी सीओ तथा विभागों के अभियंता मौजूद थे।

 

Posted By: Ajit Kumar

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