मुजफ्फरपुर, जेएनएन। उन्मादी भीड़ की ङ्क्षहसा को लेकर पीएम को पत्र लिखने वाली अभिनेत्री अपर्णा सेन सहित 49 बुद्धिजीवियों के केस के मामले में मंगलवार को सुनवाई फिर टल गई है। अब सुनवाई 17 जनवरी को होगी। अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की ओर से सीजेएम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई। इसमें उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की है कि तत्कालीन एसएसपी व मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी पर उन्होंने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कर रखा है। इस परिवाद की सुनवाई 17 जनवरी को मुकर्रर है। यह परिवाद इसी मामले से संबंधित है। इसलिए दोनों मामले की सुनवाई एक तारीख को ही की जाए। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 

अधिवक्ता ने पुलिस पर अनुसंधान में लापरवाही का लगाया था आरोप

अनुसंधान के बाद पुलिस ने कोर्ट में अंतिम प्रपत्र दाखिल किया था। इसमें आरोपों को असत्य बताते हुए अधिवक्ता के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा-182 व 211 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति देने की कोर्ट से प्रार्थना की गई थी। इसके विरुद्ध अधिवक्ता ने कोर्ट में विरोध पत्र दाखिल किया था। इसमें पुलिस पर अनुसंधान में भेदभाव करने का आरोप लगाया गया। 

यह है मामला

उन्मादी हिंसा को लेकर पीएम को पत्र लिखने में अभिनेत्री अपर्णा सेन समेत 49 फिल्मी कलाकारों और बुद्धिजीवियों के खिलाफ अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने सीजेएम एसके तिवारी के कोर्ट में  27 जुलाई को परिवाद दाखिल किया था। इसकी सुनवाई के बाद सीजेएम ने सदर थानाध्यक्ष को केस दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। आरोपितों में अभिनेत्री सेन के अलावा अडूर गोपाल कृष्णन, शुभा दुग्गल, सुमित्रा चटर्जी, रेवती, कोंकणा सेन, श्याम बेनेगल, मणिरत्नम व इतिहासकार रामचंद्र गुहा आदि शामिल हैं। 

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