पश्‍च‍िम चंपारण, जासं। बीते दिनों हुई बारिश से वीटीआर के जंगल फिर से हरे-भरे हो गए हैं। जिससे भीषण गर्मी में फिर से हरियाली लौट आई है। जंगल में घास भी उग गई है। जिससे वन्य जीवों के लिए भीषण गर्मी में चारा-पानी का भी इंतजाम हो गया है।

गौरतलब है कि गर्मी के प्रारंभ में जंगल के ज्यादातर पेड़ों के पत्ते सूखकर झड़ जाते हैं। जिससे जंगल सूखा हुआ दिखने लगता है। ऐसे हालात में जंगल के जानवरों को जंगल में चारा-पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाता है। जिससे हर बार गर्मी के सीजन में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालात बदतर हो जाते हैं। इस बार बार हुई बारिश की वजह से जंगल के सूखे हुए पेड़ फिर से हरे-भरे हो गए है। जंगल में घास उगने के साथ-साथ कुछ पानी के इंतजाम भी हो गए हैं।

बाहर निकल रहे हैं वन्य जीव

मौसम का मिजाज तल्ख होते ही हिंसक वन्य जंगल से बाहर निकल कर रिहायशी इलाके में पहुंचने लगे हैं। जिससे शिकार की आशंका बढ़ गई है।

 बढ़ाई गई गश्त

इस बाबत वाल्मीकिनगर रेंजर महेश प्रसाद ने बताया कि मूल रूप से ये वन्य जीव स्वतंत्र होते हैं और जब उन्हें महसूस होता है कि संपूर्ण परिवेश शांत है तो वे बाहर आने लगते हैं। लेकिन, अब चूंकि, माहौल शांत है तो वे सड़कों पर पहुंच जाते हैं। हालांकि, यह वन विभाग के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हैं। क्योंकि वाहनों की आवाजाही नहीं होने और चारों तरफ वीरानी का फायदा उठाकर शिकारी जानवरों के शिकार की तलाश में रहते हैं। विभाग ने इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दिवा गश्त के साथ- साथ रात्रि गश्त बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप