मुजफ्फरपुर, जेएनएन। ग्रेजुएट बेटियों को सरकार से मिलने वाली 25 हजार की प्रोत्साहन राशि के लिए टकटकी लगी हुई है। आधे से अधिक हकदारों को अभी राशि नहीं मिल पाई है। बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान के बावजूद छात्राओं के खाते में राशि नहीं आ रही। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ये राशि आवंटित की गई थी। तत्काल बजट उपबंध के आलोक में प्रथम किस्त के तौर पर पैंसठ करोड़ की राशि की स्वीकृति भी महीनों पहले मिल चुकी है।

 विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जानी है।  विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में पीजी कर रहीं रोमिता श्रीवास्तव ने कहा कि उसे भी राशि मिलने का इंतजार है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना के तहत 25 अप्रैल, 2018 के बाद स्नातक उत्तीर्ण होने वाली बेटियों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलनी है। 

हकदार बेटियों का ब्योरा मांगकर चुप बैठ गए अधिकारी 

राज्य सरकार के पत्र के आलोक में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने सभी प्राचार्यों से हकदार बेटियों का ब्योरा भी मांग लिया। महाविद्यालयों में सत्र 2019-20 में उत्तीर्ण छात्राओं की संख्या  तथा उनके लिए जरूरी फंड की जानकारी मांगने से उम्मीद जगी थी। निधि के आवंटन के लिए शिक्षा विभाग ने 2016-17, 2017-18, 2018-19 में पासआउट हुईं तमाम छात्राओं की संख्या मांगी गई थी। जिस कॉलेज में पांच सौ तक विद्यार्थी हैं उसके लिए 10 लाख, जहां एक हजार तक हैं वहां 15 लाख रुपये तथा एक हजार से अधिक संख्या वाले कॉलेजों को 20 लाख रुपये तक का आवंटन किया जाना था। 

12 कॉलेजों की 1546 ग्रेजुएट बेटियों के लिए भेजा गया वजीफा

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के 12 विभिन्न कॉलेजों से पासआउट होने वाली ऐसी 1546 छात्राओं के लिए सरकार ने एकमुश्त राशि आवंटित की थी। इस राशि से मुजफ्फरपुर जिले के पांच, मोतिहारी के दो, एमजेके कॉलेज बेतिया, सीतामढ़ी के  एक तथा हाजीपुर के तीन कॉलेजों की छात्राओं को फायदा होगा। जबकि, अन्य कॉलेजों की छात्राओं को अभी टकटकी लगी हुई है। 

Posted By: Ajit Kumar

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