मुजफ्फरपुर। दरभंगा जिले के सांसद कीर्ति आजाद ने संसद में मिथिला राज्य के गठन के लिए संसद में तार्किक ढंग से अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिथिला के विकास के लिए कुछ नहीं कर रही है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ भी यहां की जनता को नहीं मिल रहा है। मिथिला की भाषा व संस्कृति के संरक्षण के लिए सरकार के पास कोई प्रभावशाली योजना नहीं है। मिथिला की जनता कई सालों से अपने लिए मिथिला राज्य की मांग कर रही है जो भाषाई और सांस्कृतिक आधार पर संवैधानिक रूप से न्याय संगत है। लेकिन सरकार इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है और न ही सरकार को यहां की जनता के दुख-दर्द से कोई लेना देना नहीं है। इस लिहाज से केंद्र सरकार मिथिला के विकास के लिए अतिशीघ्र मिथिला राज्य के निर्माण पर विचार करे। ताकि संपूर्ण मिथिला का विकास हो। उन्होंने संसद के शून्य काल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जो मिथिला कभी शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती रही आज वह विपन्नता के दौर में है। चीनी मिल, जुट मिल, पेपर मिल,सिल्क मिल, खादी भंडार आदि बंद पड़े हैं। जिसे सरकार फिर से चालू करे ताकि लोगों को रोजगार मिल सके। प्राकृतिक आपदा बाढ़ व सुखाड़ ने मिथिला को पिछड़े और बैकवर्ड स्तर पर ला दिया है। बाढ़ की समस्या का कोई स्थायी निदान सरकार के पास नहीं है। पलायन यहां के लोगों की म•ाबूरी बन चुकी है। ऐसी परिस्थिति में मिथिला राज्य से ही मिथिला का विकास संभव है।

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