शिवहर, जासं। जिले में आगामी 11 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। जिसमें न्यायिक पदाधिकारी और पैनल अधिवक्ताओं की टीम दोनों पक्षों की सहमति से विभिन्न सुलहनीय वादों का निष्पादन कराएंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज भरत तिवारी के निर्देश पर लोक अदालत की तैयारियां जारी है। इसी बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव निशित दयाल ने व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता पर चर्चा की। सचिव ने बैंक अधिकारियों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ऋण संबंधित अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कराने का आदेश दिया। उन्होंने बैंक अधिकारियों को लोक अदालत के प्रति जागरूकता लाने और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया।

ताकि, अधिक से लोग राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल होकर इसका लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण समेत विभिन्न सुलहनीय वादों के के निष्पादन के लिए लोक अदालत एक बेहतर प्लेटफार्म है। लोक अदालत के जरिए लोग बगैर किसी खर्च के मामलों का निपटारा करा सकते है। इससे मुकदमों का बोझ से मुक्ति मिलेगी। साथ ही भागदौड़ और खर्च से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण के मामलों के निष्पादन में लोक अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसमें बैंकों का भी सहयोग जरूरी है। उन्होंने बैंकों को लोक अदालत के दौरान अलग-अलग काउंटर लगाने का भी आदेश दिया। मौके पर मौजूद बैंक अधिकारियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मौके पर एलडीएम आलोक रंजन के अलावा सभी बैंकों के प्रबंधक व प्रतिनिधि मौजूद थे।

भूमि विवाद के मामलों का त्वरित निष्पादन का आदेश

शिवहर। एसडीओ मो. इश्तियाक अली अंसारी ने सभी सीओ व थानाध्यक्षों को भूमि विवाद के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन का आदेश दिया। अनुमंडल कार्यालय में आयोजित बैठक में एसडीओ ने सभी सीओ को प्रत्येक शनिवार को थाना स्तर पर कैंप का आयोजन कर मामलों के निपटारे का आदेश दिया। जबकि, सभी थानाध्यक्षों को सभी चौकीदारों का नियमित परेड कराने और उनसे भूमि विवाद के मामलों की जानकारी लेने का निर्देश दिया। साथ ही भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई, कार्रवाई और निपटारे की सूचना बेवसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान एसडीओ व एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने भूमि विवाद के मामलों की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि अंचल स्तर पर जिले में अब भी 35 मामले लंबित है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh