सीतामढ़ी जासं। श्रीलक्ष्मी किशोरी महाविद्यालय (एसएलके) सीतामढ़ी के खाते से तीन किस्तों में 28 लाख 65 हजार रुपये उड़ा लिए गए और किसी को कानोकान भनक नहीं लग पाई। चौथे बार के प्रयास में पटना बैंक ऑफ बड़ौदा को ही जब कुछ संदेह हुआ तो उसने कन्फर्मेशन के लिए अपना एक कर्मचारी कॉलेज में भेजा। बैंक का संदेह सही निकला और इस प्रकार चौथी रकम खाते से गायब होने से बच पाई। उधर, इतनी बड़ी रकम कालेज के खाते से गायब होने के बाद हड़कंप मच गया है।

प्राचार्य डा. अनिल कुमार सिन्हा का कहना है कि धोखाधडी कर जाली चेक के माध्यम से यह राशि आरटीजीएस के जरिये निकासी हुई है। इस मामले में प्राचार्य ने नगर थाने में लिखित शिकायत की है और बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थानीय प्रबंधक को उन्होंने लपेटे में लिया है। प्रबंधक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्राचार्य खुद थाने पहुंच गए। उनके साथ बरसर प्रो. निखत फातिमा, प्रो. सुजय कुमार, प्रो. दीपक कुमार, प्रो. मृत्युंजय कुमार, प्रो. राजीव रंजन, प्रो. आलोक यादव, हेड क्लर्क नागेंद्र प्रसाद, लेखपाल सुनील कुमार, गौतम कुमार, ई. अभिषेक रंजन, वीरू, सौरभ श्रीवास्तव, किसन, उमेश, प्रिंस एवं गणेश यादव थे।

चौथी बार में चेक क्लीयरेंस के लिए बैंक पहुंचने पर हुआ संदेह

श्रीलक्ष्मी किशोरी महाविद्यालय, सीतामढ़ी का एक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सीतामढ़ी में है। इस खाते का उपयोग छात्र चालान और कॉलेज के अन्य आधिकारिक कार्य के लिए किया जाता है। महाविद्यालय की ओर से बर्सर प्रो. निखत फातिमा एवं प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिन्हा के संयुक्त हस्ताक्षर खाते का संचालन होता है। प्राचार्य का कहना है कि धोखाधड़ी का यह मामला उनके संज्ञान में 20 जनवरी, 2022 को तब आया, जब बैंक का एक कर्मचारी एक चेक की फोटो कॉपी लेकर कन्फर्मेशन के लिए कालेज आया। यह चेक चार लाख 76 हजार रुपये का था और 10 जनवरी को किसी रोहित राज के नाम से इश्यू हुआ था। कालेज के लेखापाल सुनील कुमार व बर्सर प्रो. निखत फातिमा चेक देखते ही समझ गए कि वह नकली है, क्योंकि उसी नंबर का चेक कॉलेज में यथावत था। जालसाजी का संदेह होते ही सुनील कुमार व निखत फातिमा दोनों बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच गए और उसके बारे में बैंक को अवगत कराया।

बैंक पहुंचने पर पता चला तीन चेक का भुगतान हो चुका पहले, यह सुनकर सबका माथा ठनका

उन्हें जानकारी मिली कि 7 जनवरी, 13 जनवरी व 19 जनवरी को कालेज के तीन चेक का इसी तरह भुगतान किया जा चुका है। ये तीनों चेक 8,95,000/-, 9,80,000/-, 9,90,000/- यानी कुल 28,65,000 रुपये के थे जिनका भुगतान बैंक ने किया हुआ है। जिस-जिस चेक नंबर से ये भुगतान हुए हैं उन नंबरों के चेक कालेज में सुरक्षित हैं। ऐसे में जाली चेक और जाली हस्ताक्षर कर राशि निकाली का मामला प्रतीत हुआ। इस वित्तीय धोखाधड़ी में कालेज प्रबंधन शाखा प्रबंधक की संलिप्तता की संभावना जताते हुए कार्रवाई राशि रिकवरी की मांग कर रहा है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh