मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रॉम) से अस्पताल के बाहर भी मरने वाले बच्चों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा एसकेएमसीएच या केजरीवाल अस्पताल से एईएस पीडि़त बच्चों की दूसरे जगह इलाज के दौरान मौत मामले में भी यह राशि दी जाएगी। डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी व संबंधित प्रखंड के बीडीओ की जांच रिपोर्ट के बाद परिजनों को मुआवजा मिलेगा।

मालूम हो कि इस वर्ष उत्तर बिहार के जिलों के डेढ़ सौ से अधिक बच्चों की मौत एईएस से हुई। मगर, सरकारी आंकड़े में यह संख्या 137 ही है। कई बच्चों ने घर में ही इस बीमारी से दम तोड़ दिया। वहीं कई की मौत अस्पताल में भर्ती कराने से पहले ही हो गई। मगर, इन बच्चों की इंट्री अस्पताल के रजिस्टर में नहीं हो सकी। इसके अलावा कई परिजन एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में भर्ती बच्चों को दूसरे अस्पताल या घर लेकर चले गए। साथ ही इन अस्पतालों से रेफर भी कर दिया गया। इनमें से भी कई बच्चों की मौत हो गई। इन सभी मामलों में अब तक मुआवजा नहीं मिल रहा था। मगर, डीएम की इस घोषणा से इन बच्चों के परिजनों को भी राशि मिलने की आस जग गई है।

26 बच्चों को परिजन ले गए थे बाहर

जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार एसकेएमसीएच में भर्ती 12 व केजरीवाल से 14 बच्चों को परिजन यहां से लेकर चले गए थे। इन मामलों को 'लामाÓ कहा गया। इनमें से कई बच्चों की मौत बाद में हो गई। वहीं केजरीवाल से 52 व एसकेएमसीएच से एक बच्चे को रेफर किया गया था। अगर इसमें से भी किसी बच्चे की मौत हुई होगी तो उसके परिजन को मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा पीएचसी के आंकड़ों को भी मिलाया जाएगा। 

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