मुजफ्फरपुर, जेएनएन। हर क्षेत्र में विज्ञान का डंका पीटा जा रहा है, लेकिन आज भी बीमार बच्चों को जीवन के लिए मौसम को बदलने का इंतजार किया जा रहा है। यह दुर्भाग्य एवं अत्यंत दुखद है। उक्त बातें मंगलवार को एसकेएमसीएच पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार सह राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी जनता दल (डी) के देवेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा। यह एसकेएमसीच में एईएस से बीमार होकर लगातार बच्चे की मौत हो रही है। वर्ष 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवद्र्धन इसी तरह के बच्चों पर बरपे कहर के दौरान पहुंचे थे। इसके बाद बच्चों के बचाव को कई योजना की घोषणा किया। इसके बावजूद अब तक रिसर्च सेंटर नही खुला है। इसका सुप्रीम कोर्ट भी संज्ञान लिया है। कार्य सांस्कृति समाप्त हो रहा है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य दोनों सरकार दोषी है।

  उनहोंने कहा कि बच्चों का वायरल रिपोर्ट तुरंत आना चाहिए। इससे बीमारी का मूल जानकारी मिलेगी। वही कुपोषण एवं जागरूकता के लिए केंद्र प्रायोजित योजना है। अस्पताल में संसाधन की घोर कमी है। गरीब कुपोषित बच्चे 99 फीसदी आते हैं। जहां बेड तक की कमी पड़ता है। इसके साथ ही मंत्री यादव ने अस्पताल परिसर में मिले कंकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी न्यायिक जांच का मांग किया जाएगा। इसमें मृत बच्चों की संख्या छुपाने का बू आ रही है। इपके साथ डॉ. अमन कुमर, निशांत माधव, संजय ठाकुर, लक्ष्मी प्रसाद साहू, आलोक यादव, खूर्शीद अफताव, मो. चांद समेत अन्य कई पार्टी के सदस्य शामिल थे। 

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Posted By: Ajit Kumar