दरभंगा [दिनेश राय]। उम्र 71, पर स्फूर्ति युवाओं जैसी। दिनचर्या के काम भले आगे-पीछे, पर योग कभी न भूलते। ये हैं दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार गुप्ता। ये मरीजों को दवा के साथ योग की डोज देते हैं। जिस तरह हर बीमारी की अलग दवा और खुराक होती है, उसी प्रकार योग की भी डोज होती है। कहते हैं कि किसी बीमारी के इलाज में जब दवा और योगक्रिया एकसाथ काम करती है, तब उसका प्रभाव शीघ्र देखने को मिलता है। वे मरीजों को मामूली दवा के साथ नियमित दिनचर्या, संतुलित खानपान और योग की सलाह अनिवार्य रूप से लिखते हैं।

डा. अशोक बताते हैं कि योग एक थेरेपी है। इससे कई बीमारियों का इलाज संभव है। हृदय रोग, मोटापा, तनाव से लेकर ब्लड प्रेशर तक सभी में योग लाभदायक है। मेडिकल की भाषा में इसे कहें तो शरीर के किसी भी अंग में अगर बदलाव होता है तो उसे नियंत्रित करने में योग सकारात्मक भूमिका निभाता है।

1990 से दे रहे योग की सलाह

डा. अशोक मरीजों को इलाज के साथ योग की सलाह वर्ष 1990 से दे रहे हैं। बताते हैं कि नौकरी के दौरान कार्यक्षेत्र में कई प्रकार की जिम्मेदारी रहती है, वजूद इसके योग का साथ नहीं छूटा। मेडिकल छात्रों के सेमिनार, चिकित्सकों की बैठक या मरीजों के इलाज के समय विभिन्न प्रकार के योग की सलाह देना नहीं भूलते थे। वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी इलाज और योग का सिलसिला जारी है।

उनसे इलाज करा चुके दरभंगा के अशोक मिश्रा बताते हैं कि गठिया रोग के इलाज के लिए उनके पास पहुंचे थे। उन्होंने जांच की और एक-दो दवा लिखी, जबकि तीन से चार प्रकार के योग के बारे में बताया। उनकी सलाह से आज वे स्वस्थ हैं।

Edited By: Murari Kumar