मुजफ्फरपुर। कटरा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आए हजारों बाढ़ पीड़ितों ने मंगलवार को सीओ का घेराव किया। भय से सीओ ने कक्ष को अंदर से बंद कर लिया और पुलिस को बुलाया। पीड़ित सीओ कक्ष के पास नारेबाजी करते अपनी मांगों का जवाब मांगते रहे। सीओ ने थानाध्यक्ष को बुलाकर स्थिति पर नियंत्रण का आदेश दिया।

थानाध्यक्ष ललित कुमार ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया कि सीओ बाढ़ पीड़ितों का सर्वेक्षण कर रहे हैं। कोई पीड़ित नहीं छूटेगा। भीड़ ने उनके कक्ष को घंटों घेरे रखा। इनमें बहुसंख्यक महिलाएं थीं। थानाध्यक्ष ने बताया कि बर्री व बसघटृा पंचायत पूर्ण प्रभावित की श्रेणी में हैं। इसके अलावा कटरा के 10, 11 और 12 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। सोनपुर के 8 से 14 वार्ड प्रभावित होने की भी बात कही। खंगुराडीह के तीन पंचायत को चिन्हित किया गया था।

मौके पर कई पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित पंचायत का फैसला कोई पुलिस कैसे कर सकती है। इसकी घोषणा सीओ स्वयं आकर करें, लेकिन वे अपने कक्ष से बाहर नहीं आए। पंचायत प्रतिनिधियों ने आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह समझाकर वापस किया। बता दें कि जिले के सर्वाधिक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र होने के बाद भी केवल दो पंचायतों को ही बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है। इसमें बर्री व बसघटृा पंचायतें शामिल हैं। सीओ से अड़ियल रवैये से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। करीब चार घंटे तक नारेबाजी करने के बाद अगले दिन बड़ी संख्या में आकर प्रदर्शन की चेतावनी देकर बाढ़ पीड़ित वापस लौट गए।

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