मुजफ्फरपुर बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थिति बिगड़ती जा रही। एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की भयावहता झेल रहे हैं। काटी के शहरी क्षेत्र समेत थर्मल पावर स्टेशन पर भी बाध का खतरा मंडराता जा रहा है। पकड़ी गांव के समीप बूढ़ी गंडक नदी में स्थित स्लुइस गेट से पानी का तेजी से रिसाव हो रहा है। प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के तमाम प्रयासों के बाबजूद देर शाम तक रिसाव को नहीं रोका जा सका है। वहीं, बाध में भी कई जगहों से रिसाव शुरू हो गया है।

बताया जा रहा कि पकड़ी में स्लुइस गेट से रिसाव के बाद रविवार की सुबह जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पानी रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी डालकर पानी की तीव्रता को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सारी कोशिशें बेकार साबित हुई। दोपहर बाद गेट के ऊपर हिस्से का लोहा खराब होने के कारण तेजी से पानी का रिसाव पुन: शुरू हो होगा। मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार ने डीएम धर्मेद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरत के मुताबिक मिट्टी भराई नहीं होने के कारण पुन: रिसाव प्रारंभ हुआ है। फिलहाल, मौके पर पहुंचे अधिकारी रिसाव को बंद करने के लिए प्रयासरत हैं।

बताया जा रहा कि स्लुइस गेट से रिसाव होने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से काटी के शहरी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। अगर, जल्द रिसाव बंद नहीं हुआ, तो काटी थर्मल पावर स्टेशन पर भी बाध का खतरा मंडराता दिख रहा है।

इधर, काटी के लस्करीपुर, मिठनसराय, जंगल गोसाईपुर, माधोपुर, कोल्हुआ पैगंबरपुर, दादर, मुस्तफापुर आदि में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रशासनिक कुव्यवस्था के कारण बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। बच्चे भूख से बैचेन हैं और खाने के लिए मोहताज दिख रहे हैं। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सामुदायिक किचेन में पीड़ितों को समुचित भोजन नहीं मिल रहा है। रविवार को कुछ स्वयंसेवी संगठनों तथा दलीय नेताओं द्वारा राहत सामग्री तथा भोजन का वितरण किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह बाढ़ प्रभावित लोगों की सुध लेने पहुंचे और स्थानीय राजद नेता इसराइल मंसूरी के साथ राहत सामग्री का वितरण किया। विश्व ¨हदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी मुखिया शशि ठाकुर के नेतृत्व में राहत सामग्री वितरित किया।

Posted By: Jagran