दरभंगा, जासं। इस बार के बाढ़ में किसी भी विषम परिस्थिति से निबटने को स्वास्थ्य विभाग ने हर स्तर पर तैयारी की है। बाड़ प्रभावित वैसे इलाके, जहां बाढ़ में सड़क संपर्क भंग हो जाता है वहां नाव पर अस्थाई अस्पताल बनाया जाएगा। इस अस्पताल में प्राथमिक इलाज के तमाम साधन समेत चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात होगी। साथ ही जरूरी दवा, इंजेक्शन आदि भी उपलब्ध रहेगा।

उपरोक्त बातों की जानकारी सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार ने शनिवार को बाढ़ की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक के बाद दी। बताया कि बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, अलीनगर, घनश्यामपुर व हनुमाननगर इलाके में होती है। इस दौरान कई इलाके बाढ़ के पानी में इस तरह से डूब जाते हैं, जहां सड़क मार्ग से जाना संभव नहीं हो पाता। इस स्थिति से निबटने के लिए नाव चलंत अस्पताल की व्यवस्था की गई है। वहीं जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अनुमंडलीय अस्पतालों में ठोस इंतजाम कि गए हैं। सभी संबंधित प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। दवा उपलब्ध कराई जा रही है।

बाढ़ में सेवा करते हुए कोरोना गाइडलाइन का करेंगे पालन

स्वास्थ्य कर्मियों को कहा गया है कि बाढ़ में सेवा करते वक्त कोरोना गाइडलाइन के तहत मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे। लोगों को इसके प्रति जागरूक करेंगे। साथ कोरोना जांच व टीकाकरण की भी व्यवस्था को सुचारू ढंग से संचालित कराएंगे। बाढ़ जनित बीमारियों पर खास ध्यान देंगे और तत्काल इलाज करना सुनिश्चित करें। सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा कीट और वैक्सीन के अलावा सांप के दवा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। बताया- शहर से लेकर पंचायत स्तर तक के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों को तैयार रहने को कहा गया है। इस व्यवस्था के अतिरिक्त जिले में 20 मोबाइल टीम भी बाढ़ में काम करेगी।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh