सीतामढ़ी, जेएनएन। पूर्व मध्य रेलवे के सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड में विद्युतीकरण का काम करा रहे निर्माण एजेंसी के निदेशक रणजीत कुमार संजय से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रंगदारी की रकम नहीं देने पर नेपाल ले जाकर हत्या करने की धमकी दी गई है। इस बीच उनके घर पर धावा बोल कार को क्षतिग्रस्त कर डाला। आवास का दरवाजा तोड़ 20 हजार नकद लूट ले गए। रंजीत जुवेनाइल इंजीनियर्स प्रा.लि, दानापुर में रेल विद्युतिकरण परियोजना के निदेशक हैं।

 वे वैशाली जिले के विदुपुर थाने के धोबौली गांव के रहने वाले हैं। उनकी कंपनी की ओर से सीतामढ़ी- रक्सौल के बीच बैरगनिया में रेल विद्युतिकरण का कार्य चल रहा है। यहां कर्षण उपकेंद्र टीएसएस निर्माण का कार्य तीन दिन पहले ही शुरू हुआ है। थानाध्यक्ष गौरीशंकर बैठा ने बताया कि रणजीत के बयान पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्राथमिकी मेंं पांच नामजद व तीन अज्ञात को आरोपित किया गया है। जिनमें मुसाचक पंचायत के मुखिया गणेश यादव, मसहा आलम गांव के रवि राय, संतोष राय, दीनानाथ राय, नन्दवारा के भगवान सिंह के पुत्र अमित पटेल  शामिल हैं। 

पहले फोन कर धमकाया फिर देररात पहुंचे आरोपित

प्राथमिकी में निदेशक संजय ने कहा है कि वे रविवार की शाम वे मसहा आलम पुनर्वास स्थित अपने किराये के मकान में बैठे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक से आए। स्थानीय मुखिया गणेश यादव से मोबाइल पर बात कराई। मुखिया ने कहा कि यहां काम कराते हैं तो हमसे मिल लीजिएगा। संतोष राय ने पांच लाख रंगदारी मांगी। नहीं देने पर चाकू से जान मारकर सीमा पार नेपाल में फेंक देने की धमकी दी। दोनों युवक वहां से चले गए। पुन: संतोष राय ने मोबाइल से निदेशक के मोबाइल पर शाम पौने आठ बजे पांच लाख रुपये के लिए कॉल की।

 रात 8 बजे दीनानाथ नामक व्यक्ति आया और जबरन दरवाजा खुलवाकर मुखिया से मिलने के लिए दबाव दिया। देररात एक बजे यह शख्स सात-आठ लोगों के साथ उजले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचा। दरवाजा पीटने लगा। आरोपितों की आहट समझकर वे पिछले दरवाजे से भाग निकले। इसी बीच आरोपितों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर डाले। घर मे रखे 20 हजार रुपये लेकर स्कार्पियो से चला गया। 

Posted By: Murari Kumar

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