सीतामढ़ी, जासं। किसानों ने लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचल कर मारने की घटना और उस मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का इस्तीफा मांगते हुए रेल रोको आंदोलन किया गया। सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर रक्सौल-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन को रोककर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी रेल लाइन पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लखीमपुर खीरी कांड में बेटे के शामिल होने के आरोपों में प्रदर्शनकारियाें ने केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त कर उसपर धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही तीनों कृषि कानूनों को रद करने, एमएसपी पर कानून बनाने, बिजली बिल में बढ़ोतरी वापस लेने की मांगें शामिल हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के दमन तथा आंदोलन के लंबा खींचने का अंजाम है कि आंदोलन गांव-गांव तक पहुंच गया है। प्रदर्शन मे प्रमुख किसान नेताओं में प्रो. आनंद किशोर, जयप्रकाश राय, मो. मुर्तुजा, रामप्रमोद मिश्र, शशिधर शर्मा, सुरेश बैठा, उमाशंकर सिंह, नेयाज अहमद सिद्दीकी, संजय कुमार, राम प्रवेश कुशवाहा, अवधेश यादव, विश्वनाथ साह, मो.नुरैन, रामबाबू सिंह, विजय सिंह, फेकन राम, अबरार अहमद हुसैन, मो.मकबुल सहित बडी़ संख्या में किसान कार्यक्रम में शामिल हुए।

समस्तीपुर जंक्शन पर रेल रोको आंदोलन

समस्तीपुर । किसान विरोधी काला कानून के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रव्यापी रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर सोमवार को वामपंथी संगठन ने समस्तीपुर जंक्शन पर रेल ट्रैक जाम कर केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसमें मुख्य रूप से केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को मंत्री मंडल से बर्खास्त करने की मांग उठी। वहीं, इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल प्रशासन टीम अलर्ट रही। आंदोलनकारियों ने किसान विरोधी काला कानून वापस लेने, लखीमपुर खीरी में किसानों के हत्यारा आशीष मिश्रा को फांसी देने, मंत्री को बर्खास्त करने, किसान आंदोलन पर दमन बंद करने सहित अन्य गगनभेदी नारे लगाते रहे। इससे पूर्व शहर के मालगोदाम चौक स्थित कार्यालय में सभी एकत्रित हुए। साथ ही आंदोलनकारियों का जत्था सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए जंक्शन परिसर में प्रवेश कर गया।

जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या दो-तीन स्थित पूर्वी छोड़ में समस्तीपुर-बरौनी रेलखंड पर झंडा बैनर लेकर जाम कर दिया। हालांकि, जाम के दौरान किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं हो सका। मंडल सुरक्षा आयुक्त एके लाल के निर्देश पर आरपीएफ अधिकारी व बल सदस्य तैनात हो गए। टीम ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर समझा बुझा रेल ट्रैक को खाली कराया। जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने को लेकर सहायक सुरक्षा आयुक्त सोमेन मल्लिक स्वयं उपस्थित रहे। मौके पर आरपीएफ इंस्पेक्टर वेद प्रकाश वर्मा, रिजर्व इंस्पेक्टर एमपी दूबे, एसआईबी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, सीआईबी इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष नंद किशोर सिंह, सब इंस्पेक्टर निरंजन सिन्हा, निशा कुमारी, हवलदार अशोक कुमार, अली हसन, आरक्षी दीपक कुमार, उदयभान कुशवाहा, रामचरित्र सहित अन्य बल सदस्य तैनात रहे।