विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खेती के लिए मशीन खरीदने पर 80% तक अनुदान देगी सरकार, ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:09 PM (GMT+05:30)

सरकार चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान ...और पढ़ें

80% तक अनुदान देगी सरकार (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

80% तक अनुदान देगी सरकार (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।

  2. किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने पर भी सब्सिडी उपलब्ध।

  3. लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग अनुदान देगा। इसके लिए आनलाइन आवेदन लिया जाएगा।

किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। साथ ही किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए भी अनुदान का प्रविधान है। 

जिला कृषि अभियंत्रण सहायक निदेशक अजीत कुमार ने बताया योजना के तहत 86 प्रकार के कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर व किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए अनुदान दिया जाएगा।

15 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर का लक्ष्य मिला

जानकारी के अनुसार जिले को 2752 कृषि यंत्र, आठ कस्टम हायरिंग सेंटर, एक कृषि यंत्र बैंक, दो स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर व 15 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर का लक्ष्य मिला है। किसान, जीविका समूह, एफपीओ व कृषक समूह इसका लाभ ले सकेंगे। 

सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण ने बताया कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये, कृषि यंत्र बैंक के लिए 80 प्रतिशत, अधिकतम आठ लाख रुपये व स्पेशल सेंटर के लिए अधिकतम 12 लाख रुपये अनुदान मिलेगा। 

लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी से

किसान ड्रोन सेंटर के लिए कृषि स्नातक को 50 प्रतिशत, अधिकतम पांच लाख व गैर-कृषि स्नातक को 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये अनुदान मिलेगा। लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी से होगा। परमिट मिलने के 15 दिनों में यंत्र खरीदना अनिवार्य है। 

यंत्र पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही खरीदारी करनी होगी। पहले किसान को पूरी राशि देनी होगी, बाद में अनुदान राशि डीबीटी से बैंक खाते में भेजी जाएगी।

यह भी पढ़ें- चाशनी के बाजार में गोल मटोल पिड़िकिया, गोपालगंज के थावे धाम के व्यंजन को तिमुल देगा बाजार