पश्चिम चंपारण (सिकटा), शेषनाथ तिवारी। यदि कोरोना से खुद को सुरक्षित रखना है तो बार-बार साबुन से हाथ धोयें। मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें। इस गंभीरता को भले ही कुछ लोग न समझे, लेकिन सिकटा प्रखंड की बलथर पंचायत के एक किसान बलवंत कुमार सिंह ने इसे बखूबी समझा और ग्रामीणों का समझाया। तभी तो, ग्रामीण लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन कर रहे और अन्य को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे।

 भौंरा, भंवरी, जगीराहां, सड़किया टोला, सोनराटोला, खाप पर्सा, खरसहवां, आर्यानगर गांव के ग्रामीण लॉकडाउन को सफल बनाने एवं कोरोना को भगाने के लिए सजग हैं। ये शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए ही अपना काम निपटाते। यदि कहीं मानक टूटता तो हस्तक्षेप करते हैं। बलथर पंचायत के प्रमुख किसान बलवंत तीन दिनों में 11 हजार लोगों को निशुल्क मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करा चुके हैं। इस काम में अबतक आठ लाख से अधिक खर्च कर चुके हैं।

इन्हें अपने पूर्वजों से मिली प्रेरणा

बलवंत ने बताया कि महामारी में लोगों को मदद करने की प्रेरणा पूर्वजों से मिली है। प्राकृतिक आपदा के वक्त अपने पूर्वजों को गरीबों एवं पीड़ितों की मदद करते देखा है। मेरे दादा रामजी सिंह बताते हैं कि वर्ष 1977 चिकन पॉक्स के रूप में महामारी फैली थी। उस वक्त उन्होंने गरीबों की सहायता की थी। बलवंत के इस अभियान में ग्रामीण विजय सिंह, उमेश सिंह, सिंगासन हजरा, मुहान्ना सिंह, चुमन राउत, जगमन गद्दी, गफूर मियां, महातम यादव, सत्यदेव यादव, अनिल पटेल और कृष्णकांत पांडेय भी शामिल हैं।

 इनके बारे में सिकटा के प्रखंड विकास पदाधिकारी जनार्दन तिवारी ने बताया कि बलथर के किसान बलवंत कुमार सिंह कोरोना महामारी के इस दौर में सराहनीय कार्य कर रहे। लॉकडाउन का पालन करके इस महामारी से बचा जा सकता है। अन्य लोगों को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए।

Posted By: Murari Kumar

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