मुजफ्फरपुर : मेयर चुनाव को लेकर सुरेश कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। दायर याचिका में राज्य सरकार, नगर विकास एवं आवास विभाग, जिलाधिकारी,नगर आयुक्त के साथ पार्षदों को प्रतिवादी बनाया गया है। 27 नवंबर को मेयर चुनाव में इंजीनियर राकेश कुमार के महापौर बनने के बाद पूर्व मेयर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। चुनाव में सुरेश कुमार ने भी वोट डाले थे। आठ अक्टूबर को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश को अवैध बताते हुए याचिका दायर किया था। आठ अक्टूबर को अवर सचिव राम सेवक प्रसाद ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर महापौर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव में बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 49 के वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में सुरेश कुमार को पुनर्बहाल किया था। विभाग ने इस फैसले के साथ फिर से मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का विकल्प भी दिया था। पूर्व महापौर के हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता कुमार मंगलम का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव में राज्य सरकार किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर सकता। आठ अक्टूबर का आदेश ही जब इनलीगल है तो उसके बाद की तमाम प्रक्रिया भी अवैध हुई। पूर्व मेयर के सदस्यता जाने के मामले में अब 21 जनवरी को होगी सुनवाई

सशक्त स्थाई समिति के सदस्य राजीव कुमार पंकू ने लगातार तीन बोर्ड की बैठक में पूर्व मेयर सुरेश कुमार के अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनकी सदस्यता समाप्त करने का मामला उठाया था। राज्य निर्वाचन आयोग में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। इस मामले में अब अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

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