सीतामढ़ी, जासं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि विज्ञान केंद्रों पर देशव्यापी पोषण वाटिका महाअभियान सह पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन वर्चुअल मोड में की। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर पुपरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किया गया। केंद्रीय मंत्री ने इस माध्यम से किसान व कन्याओं को पोषण वाटिका, पौधारोपण और मोटे अनाज के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। कहा कि स्वास्थ्य के लिए मोटे अनाज फायदेमंद हैं। इसका अधिक से अधिक हमें अपने भोजन में उपयोग करना चाहिए। बाद में इफको के जिला प्रबंधक सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शान्तनु कुमार ने घरों में सीजन के अनुसार ताजी जैविक सब्जी व फलों की उपलब्धता के लिए पोषण वाटिका की स्थापना अनिवार्य बताया। कहा कि पोषण वाटिका लगाकर हम ताजी और अच्छी सब्जी प्राप्त कर सकते हैं। इसका उपयोग हम अपने प्रतिदिन के भोजन में कर सकते हैं।

वरीय वैज्ञानिक डॉ. राम ईश्वर प्रसाद ने पोषण वाटिका की स्थापना के साथ-साथ मोटे अनाज के उत्पादन पर किसानों को जागरूक किया। उद्यान वैज्ञानिक मनोहर पंजीकार एवं पशुचिकित्सा वैज्ञानिक किंकर कुमार ने पोषण वाटिका में सीजनल सब्जियों के अलावा सहजन, नींबू, आंवला, केला, तुलसी और पपीता की खेती को बढावा देने की जरूरत बताया। कहा कि सहजन का उपयोग सब्जी के रूप में स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर है। नींबू, आवंला, पपीता, केला का उपयोग लाभप्रद है।

सस्य वैज्ञानिक सच्चिदानंद प्रसाद, मौसम वैज्ञानिक रंधीर कुमार ने भी पोषण वाटिका एवं मोटे अनाज की खेती को बढावा देने की बात कही। कहा कि समय की मांग है कि हम सब्जियों की जैविक खेती करें और मोटे अनाज का भी उत्पादन करें। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। कार्यक्रम में एक सौ किसान और 60 लड़कियों के बीच 2 फलदार पेड़ के अलावा 6 प्रकार के सब्जियों का बीज मुफ्त में दिया गया। इसका वितरण एक आदर्श पोषण वाटिका की स्थापना की शुरुआत के लिए किया गया।